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सामुदायिक वन संसाधन | 04 Jun 2022 | सामाजिक न्याय

प्रिलिम्स के लिये:

सामुदायिक वन संसाधन, आरक्षित वन, संरक्षित वन, अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान। 

मेन्स के लिये:

वन अधिकार अधिनियम और संबंधित मामले, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार एवं मान्यता का महत्त्व, अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों से संबंधित मुद्दे, सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं का प्रबंधन। 

चर्चा में क्यों? 

छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है जिसने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंदर एक गांँव के सामुदायिक वन संसाधन (CFR) अधिकारों को मान्यता दी है। 

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की मुख्य विशेषताएंँ:  

National-Parks-Chhattisgarh

सामुदायिक वन संसाधन (CFR) क्या हैं? 

सामुदायिक वन संसाधन अधिकार: 

CFR अधिकार मान्यता का लाभ: 

वन अधिकार अधिनियम: 

विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs): 

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2018) 

  1. "संकटपूर्ण वन्यजीव पर्यावास" की परिभाषा वन अधिकार अधिनियम, 2006 में समाविष्ट है। 
  2. भारत में पहली बार बैगा (जनजाति) को पर्यावास का अधिकार दिया गया है।
  3. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत के किसी भी भाग में विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों के लिये पर्यावास अधिकार पर आधिकारिक रूप से निर्णय लेता है तथा इसकी घोषणा करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? 

(a) केवल 1 और 2 
(b) केवल 2 और 3 
(c) केवल 3 
(d) 1, 2 और 3 

उत्तर: A 

व्याख्या:  

  • "संकटपूर्ण वन्यजीव पर्यावास" को वन अधिकार अधिनियम, 2006 में राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के ऐसे क्षेत्रों के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिन्हें वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एवं अधिसूचित किया जाना आवश्यक है। अत: कथन 1 सही है। 
  • बैगा समुदाय (मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में) भारत में 75 विशेष रूप से कमोज़ोर जनजातीय समूहों (PVTGs) में से एक है, जो वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत पर्यावास अधिकार प्राप्त करने के पात्र हैं। वर्षों से वनों पर राज्य के बढ़ते नियंत्रण और वन भूमि स्वरूप में परिवर्तन, विकास एवं संरक्षण से इन वन समुदायों को गंभीर रूप से खतरा है। अतः वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश सरकार ने बैगा जनजाति के पर्यावास अधिकारों को मान्यता प्रदान की, यह जनजाति भारत में पर्यावास का अधिकार प्राप्त करने वाला पहला समुदाय बन गया है। अत: कथन 2 सही है। 
  • PVTGs के पर्यावास अधिकारों को राज्यों में ज़िला स्तरीय समिति द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। जनजातीय मामलों का मंत्रालय PVTGs के संदर्भ में आवास अधिकारों की परिभाषा के दायरे और सीमा को स्पष्ट करता है। अतः  कथन 3 सही नहीं है। 

 अतः विकल्प A सही है। 

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस