SBI ने उभरते क्षेत्रों के वित्तपोषण के लिये CHAKRA सेंटर लॉन्च किया | 03 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने उभरते क्षेत्रों (सनराइज़ सेक्टर्स) के वित्तपोषण को समर्थन देने के लिये ‘CHAKRA’ नामक एक समर्पित उत्कृष्टता केंद्र (CoE) शुरू किया है। यह देश के सबसे बड़े ऋणदाता द्वारा भावी पीढ़ी के उद्योगों में पूंजी प्रवाह को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: यह पहल वर्ष 2030 तक भविष्य-उन्मुख महत्त्वपूर्ण उद्योगों में ₹100 लाख करोड़ से अधिक के पूंजीगत व्यय को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखती है।
- विज़न: यह परियोजना मूल्यांकन, साक्ष्य-आधारित नीति संवाद, श्वेत पत्र (White Papers) और उद्योग गोलमेज बैठकों के माध्यम से निवेशकों तथा नीति-निर्माताओं को जानकारी उपलब्ध कराएगी।
- आठ केंद्रित ‘उभरते’ क्षेत्र: यह उत्कृष्टता केंद्र विशेष रूप से विकसित भारत 2047 के विज़न के लिये आवश्यक क्षेत्रों को लक्ष्य बनाता है—
- हरित ऊर्जा: नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन एवं अमोनिया तथा डीकार्बोनाइज़ेशन।
- प्रौद्योगिकी एवं अवसंरचना: सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर अवसंरचना और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर।
- भविष्य की गतिशीलता: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ई-मोबिलिटी) और उन्नत सेल रसायन (ACC)/बैटरी भंडारण।
- जोखिम प्रबंधन: पारंपरिक थिंक-टैंक के विपरीत, CHAKRA को एक ‘व्यावहारिक कार्यान्वयन मंच’ के रूप में तैयार किया गया है, जो उभरती तकनीकों के लिये विशेष जोखिम मॉडल विकसित करेगा ताकि असंगत या समयपूर्व निवेश से बचा जा सके।
- वैश्विक साझेदारियाँ: SBI ने संयुक्त परियोजना मूल्यांकन और सह-वित्तपोषण को सक्षम करने के लिये जापान के MUFG और SMBC सहित 21 घरेलू व वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं।
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