जयपुर में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित | 08 Apr 2026

चर्चा में क्यों?

जयपुर में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में भारतीय कृषि के लिये एक नया रोडमैप प्रस्तुत किया गया, जिसमें तिलहन और दलहन में आत्मनिर्भरता, किसान ID की शुरुआत तथा प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने जैसे पहलुओं पर ज़ोर दिया गया, जिसकी घोषणा शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई।

मुख्य बिंदु:

  • क्षेत्रीय सम्मेलन: जयपुर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन देश को विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित कर राज्य-विशिष्ट कृषि रणनीतियाँ तैयार करने में सहायता करेगा।
    • सभी किसानों को किसान ID के माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे उर्वरक, बीज, फसल बीमा एवं मुआवज़े का वितरण पारदर्शी और लक्षित बनाया जा सके।
    • राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन–तिलहन के अंतर्गत, भारत ने 429.89 लाख टन तिलहन उत्पादन का रिकॉर्ड दर्ज किया है।
    • दलहन मिशन के तहत बीज विस्तार, नई किस्मों का परिचय, दाल मिलों की स्थापना तथा इच्छुक किसानों से 100% खरीद पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे दलहन में आत्मनिर्भरता को मज़बूत किया जा सके।
    • प्राकृतिक कृषि और समेकित कृषि मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि स्थिरता एवं किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
  • बजट: तिलहन के क्षेत्र, उत्पादकता और उत्पादन को बढ़ाने के लिये ₹10,103 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।
  • लैब टू लैंड मॉडल: लगभग 16,000 वैज्ञानिकों को इस मॉडल के तहत तैनात किया जाएगा, जो उन्नत तकनीकों और प्रथाओं के माध्यम से सीधे किसानों की सहायता करेंगे।
  • फसल हानि एवं बीमा: किसान ID फसल हानि मुआवज़ा तथा फसल बीमा दावों के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी।

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