यंत्र इंडिया लिमिटेड को मिनीरत्न का दर्जा | 09 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (DPSU) यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्रदान करने की मंज़ूरी दी है, जो इसे एक सरकारी संगठन से लाभ कमाने वाली कॉर्पोरेट इकाई में रूपांतरित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL): यंत्र इंडिया लिमिटेड का गठन 1 अक्तूबर, 2021 को पूर्ववर्ती आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) के निगमीकरण के बाद किया गया था, जिसके तहत रक्षा विनिर्माण में स्वायत्तता, दक्षता और प्रतिस्पर्द्धा बढ़ाने के उद्देश्य से सात नए DPSU बनाए गए।
- संगठन का प्रकार: यह रक्षा मंत्रालय (MoD) के अंतर्गत रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन एक अनुसूची ‘A’ श्रेणी का रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (DPSU) है।
- मुख्य उत्पाद: कार्बन फाइबर कंपोज़िट, एल्युमिनियम मिश्रधातु, ग्लास कंपोज़िट तथा मध्यम एवं बड़े कैलिबर के गोला-बारूद, बख्तरबंद वाहन, तोपें और मुख्य युद्धक टैंक (MBT) के लिये असेंबली उत्पाद।
- स्वायत्तता और अधिकारों में वृद्धि: मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा मिलने के बाद YIL का निदेशक मंडल अब सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना ₹500 करोड़ तक के पूंजीगत व्यय प्रस्तावों को स्वतंत्र रूप से मंज़ूरी दे सकता है।
- आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा: यह कदम आयात निर्भरता कम करने, स्वदेशी डिज़ाइन और उत्पादन क्षमताओं को प्रोत्साहित करने तथा रक्षा औद्योगिक आधार को सुदृढ़ करने के लिये आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है।
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