त्रिपुरा में माताबारी पर्यटन सर्किट परियोजना | 28 Jan 2026

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्रिपुरा के डुम्बुर झील में ₹450 करोड़ की लागत वाले माताबारी पर्यटन सर्किट की आधारशिला रखी।

मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य: माताबारी पर्यटन सर्किट का लक्ष्य त्रिपुरा में प्रमुख विरासत और प्राकृतिक स्थलों को जोड़ते हुए एक एकीकृत आध्यात्मिक–पर्यावरण पर्यटन गलियारा विकसित करना है।
  • लागत: ₹450 करोड़ की यह परियोजना पूर्वोत्तर में पर्यटन अवसंरचना के लिये बड़े पैमाने पर केंद्रीय निवेश को दर्शाती है।
    • पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) ₹276 करोड़ प्रदान कर रहा है।
  • मुख्य स्थल: त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, चबीमुरा शैल-नक्काशी स्थल और डुम्बुर झील।
    • प्रमुख सुविधाएँ: तैरते हुए घाट, पर्यावरण के अनुकूल रिसॉर्ट और पर्यटकों के लिये सुविधाएँ।
  • अतिरिक्त परियोजनाएँ: विभिन्न विकास क्षेत्रों को शामिल करते हुए ₹750 करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा।
    • अगरवुड पहल: किसानों की आय और कृषि-वनिकी को बढ़ावा देने के लिये ₹80 करोड़ की अगरवुड मूल्य-शृंखला परियोजना।
    • हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: ग्रीन गोल्ड पहल के तहत 22 इंजीनियर्ड बाँस परियोजनाओं को मंज़ूरी।
  • रणनीतिक महत्त्व: ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और विकसित पूर्वोत्तर के विज़न को समर्थन देते हुए त्रिपुरा को क्षेत्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायता की।

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