संसद टीवी संवाद

क्रिप्टोकरेंसी | 09 Mar 2020 | भारतीय अर्थव्यवस्था

संदर्भ

उच्चतम न्यायालय ने 4 मार्च, 2020 को क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में निवेश और व्यापार पर भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया है। उच्चतम न्यायालय ने RBI के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने के RBI के निर्णय को बेहद सख्त बताया। उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के बाद भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग की उम्मीदे की जा सकती है।

मुख्य बिंदु:

सर्वोच्च न्यायालय का आदेश:

क्रिप्टोकरेंसी पर केंद्र सरकार की राय:

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी संबंधी मामलों के लिये देश में कोई विशेष कानून नहीं है बल्कि ऐसे मामलों में RBI, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के मौजूदा कानूनों के तहत कार्रवाई होगी।

क्रिप्टोकरेंसी पर अंतर-मंत्रालयी समिति के सुझाव :

क्या है क्रिप्टोकरेंसी?

क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल करेंसी (मुद्रा) होती है, जिसमें लेन-देन संबंधी सभी जानकारियों को कूटबद्ध (Encrypt) तरीके से विकेंद्रित डेटाबेस (Decentrelised Database) में सुरक्षित रखा जाता है। हालाँकि अभी तक ऐसी मुद्रा को किसी देश के केंद्रीय बैंक की मान्यता नहीं प्राप्त है, जिसके कारण इनकी वैधता या भविष्य को लेकर भय बना रहता है।

वर्तमान में विश्व भर में 1500 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी प्रचलित हैं। पिछले दिनों सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक द्वारा घोषित लिब्रा के अतिरिक्त बिटकॉइन, एथरियम (Ethereum) आदि क्रिप्टोकरेंसी के कुछ उदाहरण हैं।

क्या है ब्लॉकचेन तकनीक?

RBI द्वारा क्रिप्टोकरेंसी के विरोध का कारण:

क्रिप्टोकरेंसी के लाभ:

क्रिप्टोकरेंसी के दुष्परिणाम:

भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य:

निष्कर्ष:

यद्यपि क्रिप्टोकरेंसी व्यापार, निवेश, तकनीकी और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में तेज़ और कम खर्च वाली भविष्य की विनिमय प्रणाली की अवधारणा प्रस्तुत करती है। परंतु वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी के संदर्भ में अनेक समस्याओं (जैसे-गोपनीयता, मूल्य अस्थिरता और इसके विनियमन की किसी नीति का अभाव) को देखते हुए देश में किसी निजी मुद्रा (Private Currency) को अनुमति देना एक बड़ी चुनौती होगी। अतः भविष्य की ज़रूरतों और इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि क्रिप्टोकरेंसी के संदर्भ में सरकार, डिजिटल मुद्रा के विशेषज्ञों और सभी हितधारकों के बीच समन्वय, को बढ़ाया जाए जिससे इस क्षेत्र के बारे में जन-जागरूकता को बढ़ाया जा सके। साथ ही भविष्य की ज़रूरतों को देखते हुए क्रिप्टोकरेंसी के विनियमन के लिये एक मज़बूत एवं पारदर्शी तंत्र का विकास किया जा सके।

अभ्यास प्रश्न: हाल के वर्षों में वैश्विक बाज़ार में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए भारतीय आर्थिक क्षेत्र के संदर्भ में क्रिप्टोकरेंसी के महत्त्व और इससे जुड़ी चुनौतियों की समीक्षा कीजिये।