वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 | 20 Mar 2026

स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया 

हाल ही में ऑक्सफोर्ड वेलबीइंग रिसर्च सेंटर ने गैलप और यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (20 मार्च) के अवसर पर वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट, 2026 प्रकाशित की।

मुख्य निष्कर्ष

  • वैश्विक रैंकिंग: फिनलैंड लगातार 9वें वर्ष विश्व का सबसे प्रसन्न देश बना हुआ है, इसके बाद आइसलैंड (दूसरे) और डेनमार्क (तीसरे) स्थान पर है। कोस्टारिका एक उल्लेखनीय प्रदर्शनकर्त्ता के रूप में उभरा, जो वर्ष 2023 में 23वें स्थान से बढ़कर चौथे स्थान पर पहुँच गया, जबकि इज़रायल 8वें स्थान पर रहा।
    • अफगानिस्तान वैश्विक स्तर पर सबसे कम प्रसन्न देश (147वाँ) बना हुआ है, इसके बाद सिएरा लियोन (146वाँ) और मलावी (145वाँ) का स्थान है। ब्रिक्स देशों में, चीन 65वें स्थान पर है, इसके बाद रूस (79वें) और ईरान (97वें) हैं।
  • एंग्लोस्फीयर की अनुपस्थिति: लगातार दूसरे वर्ष शीर्ष 10 में कोई भी अंग्रेज़ीभाषी देश शामिल नहीं है। उल्लेखनीय रैंकिंग में न्यूज़ीलैंड (11वाँ), आयरलैंड (13वाँ), ऑस्ट्रेलिया (15वाँ), संयुक्त राज्य अमेरिका (23वाँ), कनाडा (25वाँ) और यूनाइटेड किंगडम (29वाँ) शामिल हैं।
  • भारत का प्रदर्शन: भारत 147 देशों में 116वें स्थान पर है, जो वर्ष 2025 में 118वें स्थान से मामूली सुधार को दर्शाता है।
    • इन आँकड़ों के अनुसार भारत कई पड़ोसी देशों से पीछे है; नेपाल (99वाँ) और पाकिस्तान (104वाँ) उच्च स्थान पर हैं, जबकि बांग्लादेश (127वाँ) और श्रीलंका (134वाँ) नीचे हैं।
  • मापन मानदंड: रैंकिंग जीवन मूल्यांकन (कैंट्रिल लैडर) द्वारा निर्धारित की जाती है और छह प्रमुख चरों के माध्यम से इसका विश्लेषण किया जाता है, अर्थात प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद, सामाजिक समर्थन, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, स्वतंत्रता, उदारता और भ्रष्टाचार।
  • सोशल मीडिया का "गोल्डीलॉक" का नियम: शोधकर्त्ताओं ने पाया कि मध्यम उपयोग (प्रति दिन 1 घंटे से कम) शून्य उपयोग की तुलना में कल्याण के लिये वास्तव में बेहतर है, लेकिन वैश्विक औसत बढ़कर 2.5 घंटे/दिन हो गया है, जो "हानिकारक" क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।
    • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में अंतर: "निष्क्रिय/दृश्य" प्लेटफॉर्म (इंस्टाग्राम, टिकटॉक) - जो सामाजिक तुलना को ट्रिगर करते हैं - और "संचार" प्लेटफॉर्म (व्हाट्सएप, फेसबुक) के बीच एक महत्त्वपूर्ण अंतर व्यक्त करते हैं, जो लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में उच्च जीवन संतुष्टि से संबंधित हैं।

इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे

  • संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2012 में स्थापित इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे प्रतिवर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है ताकि कल्याण को एक मौलिक मानवीय लक्ष्य के रूप में मान्यता दी जा सके।
    • 20 मार्च की तारीख इसलिये चुनी गई क्योंकि यह बसंत विषुव के साथ मेल खाती है, एक ऐसा समय जब पृथ्वी पर प्रत्येक जगह दिन और रात लगभग बराबर होते हैं - जो सार्वभौमिक समानता और संतुलन का प्रतीक है।
  • यह पहल भूटान द्वारा शुरू की गई थी, एक ऐसा देश जो पारंपरिक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर सकल राष्ट्रीय खुशी (GNH) को प्राथमिकता देने के लिये प्रसिद्ध है।

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