फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान | 20 Jan 2026
उत्तराखंड ने फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (UNESCO विश्व धरोहर स्थल) की वनाग्नि को बुझाने के लिये भारतीय वायु सेना (IAF) से सहायता मांगी है।
फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान
- परिचय: यह पश्चिमी हिमालय, चमोली, उत्तराखंड में स्थित है। यह एक राष्ट्रीय उद्यान (1982 में घोषित) है और UNESCO विश्व धरोहर स्थल (वर्ष 2005 में शामिल किया गया) है। यह नंदा देवी बायोस्फीयर रिज़र्व के दो मुख्य क्षेत्रों में से एक है। इसमें पुष्पावती नदी बहती है।
- खोज और मान्यता: इसे 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस. स्माइथ ने खोजा और विश्व स्तर पर प्रस्तुत किया। इसकी प्रसिद्धि और बढ़ी जब उन्होंने 1938 में अपनी पुस्तक फूलों की घाटी में इसका विस्तृत विवरण दिया।
- पारिस्थितिक विशेषता: यह 3000 से 5000 मीटर ऊँचाई वाले पश्चिमी हिमालय में स्थित एक अप्रयुक्त अल्पाइन पारिस्थितिक तंत्र प्रस्तुत करता है, जिसे प्राकृतिक ग्लेशियल बाधाओं द्वारा संरक्षित किया गया है। यह ज़ंस्कार और महान हिमालयी शृंखलाओं के बीच एक संक्रमण क्षेत्र में स्थित है। यह अपने अल्पाइन चरागाहों, दुर्लभ वनस्पति और विविध जीव-जंतुओं के लिये प्रसिद्ध है।
- जैव विविधता:
- वनस्पति (Flora): यह 500 से अधिक स्थानीय और अल्पाइन फूलों की प्रजातियों के लिये प्रसिद्ध है। प्रमुख प्रजातियों में ब्रह्म कमल (उत्तराखंड का राज्य फूल), नीला हिमालयी पोपी, और कई औषधीय पौधे शामिल हैं।
- जीव-जंतु: इसमें दुर्लभ और संकटग्रस्त जीव-जंतु पाए जाते हैं, जैसे– हिम तेंदुआ, एशियाई काला भालू, कस्तूरी मृग, ब्राउन बियर और हिमालयन मोनाल पक्षी।
- सांस्कृतिक महत्त्व: यह भोटिया जनजाति से संबंधित है। वे ऋतुप्रवास (Transhumance) का अभ्यास करते हैं, जो उच्च ऊँचाई वाले ग्रीष्मकालीन चरागाहों (जिन्हें स्थानीय स्तर पर 'बुग्याल' कहा जाता है) और कम ऊँचाई वाली सर्दियों की बस्तियों के बीच मौसमी प्रवास का एक रूप है।
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