पद्म पुरस्कार 2026 | 27 Jan 2026
77वें गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर राष्ट्रपति ने 131 लोगों को दिये जाने वाले 2026 के पद्म पुरस्कारों की सूची को अनुमोदित किया, जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
पद्म पुरस्कार क्या हैं?
- परिचय: पद्म पुरस्कार, भारत रत्न के साथ, देश के सर्वोच्च पुरस्कार हैं जो सार्वजनिक सेवा और मानव प्रयास के सभी क्षेत्रों में असाधारण योगदान को पहचानने के लिये प्रदान किये जाते हैं।
- ऐतिहासिक विकास: पद्म पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी। शुरुआत में दो नागरिक पुरस्कार- भारत रत्न (सर्वोच्च) और पद्म विभूषण (जिसकी तीन श्रेणियाँ थीं) स्थापित किये थे। वर्ष 1955 में पद्म विभूषण की श्रेणियों को पुनर्गठित कर प्रतिष्ठा के क्रम में तीन अलग-अलग पुरस्कारों में बदल दिया गया।
- पद्म विभूषण: "असाधारण और विशिष्ट सेवा" के लिये; भारत रत्न के बाद दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार।
- पद्म भूषण: "उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा" के लिये।
- पद्म श्री: "किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा" के लिये।
- व्यापक क्षेत्र: ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में दिये जाते हैं, जिनमें कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, नागरिक सेवा तथा अन्य शामिल हैं।
- पात्रता: ये पुरस्कार सभी व्यक्तियों के लिये हैं, चाहे उनकी जाति, व्यवसाय, पद या लिंग कुछ भी हो जिसमें भारतीय नागरिक, विदेशी, NRI, PIO और OCI शामिल हैं।
- वर्ष 2014 से सरकार "अपरिचित नायकों" को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित कर रही है, जिससे इन्हें "जनता का पद्म" के रूप में मान्यता मिली है।
- चयन प्रक्रिया: इसे पद्म पुरस्कार समिति के माध्यम से संचालित किया जाता है, जिसका गठन प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है। इस समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं और इसमें गृह सचिव, राष्ट्रपति के सचिव तथा 4–6 प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होते हैं। समिति की सिफारिशें अंतिम मंज़ूरी के लिये प्रधानमंत्री और भारत के राष्ट्रपति के पास भेजी जाती हैं।
- समिति की सिफारिशों के आधार पर इसे प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर घोषित किया जाता है और मार्च/अप्रैल में भारत के राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक रूप से प्रदान किया जाता है। पुरस्कार विजेताओं को एक सनद (प्रमाण पत्र), एक पदक (मेडल) और एक प्रतिकृति दी जाती है।
- मुख्य नियम: सामान्यतः यह पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दिया जाता, केवल कुछ अत्यंत योग्य और दुर्लभ मामलों में ही अपवाद बनता है।
- उच्च श्रेणी का पद्म पुरस्कार केवल पिछले पद्म पुरस्कार के कम-से-कम पाँच वर्षों बाद ही दिया जा सकता है।
- यह पुरस्कार कोई उपाधि नहीं है और इसे नाम के पहले या बाद में प्रयोग नहीं किया जा सकता।
- प्रतिवर्ष (मरणोपरांत, NRI, विदेशी और OCI प्राप्तकर्त्ताओं को छोड़कर) अधिकतम 120 पुरस्कारों तक सीमित हैं।
उपाधियों का उन्मूलन (संविधान का अनुच्छेद 18)
- परिचय: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 18(1) सामाजिक समतावादी सिद्धांत को मूर्त रूप देता है। इसके अंतर्गत सभी प्रकार की उपाधियों का उन्मूलन किया गया है तथा राज्य को किसी भी व्यक्ति — चाहे वह नागरिक हो या गैर-नागरिक — को उपाधि प्रदान करने से निषिद्ध किया गया है।
- उपाधि से आशय ऐसे वंशानुगत या स्थायी उपसर्ग/प्रत्यय से है (जैसे—राय बहादुर, नवाब), जो किसी नाम के साथ जुड़कर कृत्रिम सामाजिक भेद और दर्जे का अंतर उत्पन्न करता है।
- मुख्य अपवाद: इस निषेध के दो स्पष्ट अपवाद हैं — सैन्य सम्मान तथा शैक्षणिक उपाधियाँ/सम्मान। अतः विश्वविद्यालय शैक्षणिक सम्मान प्रदान कर सकते हैं और राज्य सैन्य पुरस्कार प्रदान कर सकता है।
- वर्ष 1978, 1979 तथा 1993 से 1997 के बीच पद्म पुरस्कार प्रदान नहीं किये गए।
- न्यायिक व्याख्या:
- बालाजी राघवन बनाम भारत संघ, 1996: सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म श्री जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार अनुच्छेद 18(1) के अंतर्गत उपाधि नहीं माने जाते।
- ये वंशानुगत या व्यक्तिगत दर्जा प्रदान नहीं करते, बल्कि असाधारण कार्य और योग्यता के लिये राज्य द्वारा दी गई मान्यता है।
- इंदिरा जयसिंह बनाम भारत का सर्वोच्च न्यायालय, 2017: सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ‘वरिष्ठ अधिवक्ता’ का पदनाम अनुभव और दक्षता का पेशेवर वर्गीकरण है, न कि कोई उपाधि; अतः यह अनुच्छेद 18 का उल्लंघन नहीं करता।
- बालाजी राघवन बनाम भारत संघ, 1996: सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म श्री जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार अनुच्छेद 18(1) के अंतर्गत उपाधि नहीं माने जाते।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. पद्म पुरस्कार क्या हैं?
पद्म पुरस्कार भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान हैं, जिसकी स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी। इनका उद्देश्य लोक सेवा और मानवीय प्रयास के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट और असाधारण सेवा को मान्यता प्रदान करना है।
2. पद्म पुरस्कारों को अनुच्छेद 18 के तहत "उपाधि" क्यों नहीं माना जाता है?
सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि पद्म पुरस्कार योग्यता पर आधारित, गैर-वंशानुगत सम्मान हैं; ये नाम के साथ लगाए जाने वाले उपसर्ग या प्रत्यय नहीं हैं, इसलिये अनुच्छेद 18(1) का उल्लंघन नहीं करते।
3. पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्त्ताओं के चयन की देखरेख कौन करता है?
प्रधानमंत्री द्वारा नामित और कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली पद्म पुरस्कार समिति नामांकनों की समीक्षा करती है और अनुशंसाएँ प्रस्तुत करती है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2021)
- भारत रत्न और पद्म पुरस्कार भारत के संविधान के अनुच्छेद 18 (1) के अंतर्गत उपाधियाँ हैं।
- वर्ष 1954 में प्रारंभ किये गए पद्म पुरस्कारों को केवल एक बार निलंबित किया गया था।
- किसी वर्ष-विशेष में भारत रत्न पुरस्कारों की अधिकतम संख्या पाँच तक सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही नहीं हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
