राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस और सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम | 18 Mar 2026

स्रोत: पीआईबी  

चर्चा में क्यों? 

भारत ने 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया, जिसमें सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) की महत्त्वपूर्ण सफलताओं को रेखांकित किया गया। प्रमुख उपलब्धियों में जनवरी 2026 तक 98.4% पूर्ण टीकाकरण कवरेज हासिल करना, तथा इसी वर्ष देशव्यापी HPV टीकाकरण और एक स्वदेशी टेटनस-डिप्थीरिया वैक्सीन टीका लगाने का कार्यक्रम शुरू किया।

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस

  • राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस प्रतिवर्ष 16 मार्च को मनाया जाता है, जो पल्स पोलियो कार्यक्रम के तहत वर्ष 1995 में भारत में ओरल पोलियो वैक्सीन की पहली खुराक दिये जाने की स्मृति में मनाया जाता है।
  • इस कार्यक्रम ने भारत में पोलियो के उन्मूलन का मार्ग प्रशस्त किया, जिसका अंतिम मामला 2011 में पश्चिम बंगाल के हावड़ा में दर्ज किया गया था।

यूनिवर्सल इम्यूनाइज़ेशन प्रोग्राम (UIP) क्या है?

  • परिचय: यूनिवर्सल इम्यूनाइज़ेशन प्रोग्राम (UIP) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीके से बचाव योग्य बीमारियों के खिलाफ मुफ्त टीकाकरण प्रदान करना है।
    • इसे मूल रूप से वर्ष 1978 में विस्तारित टीकाकरण कार्यक्रम (EPI) के रूप में शुरू किया गया था और बाद में 1985 में इसका विस्तार किया गया और इसका नाम बदलकर UIP कर दिया गया।
    • उद्देश्य: UIP का उद्देश्य टीकाकरण कवरेज बढ़ाना, टीकाकरण सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना, स्वास्थ्य सुविधाओं तक एक विश्वसनीय कोल्ड-चेन सिस्टम स्थापित करना, कार्यक्रम के प्रदर्शन की निगरानी करना और टीका उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ एकीकरण: समय के साथ UIP को विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों में एकीकृत किया गया है।
    • यह वर्ष 1992 में बाल उत्तरजीविता और सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम का हिस्सा बन गया, 1997 में प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शामिल किया गया और वर्ष 2005 से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) का एक अभिन्न अंग रहा है।
  • कवरेज और पैमाना: UIP विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों में से एक है, जो प्रत्येक वर्ष 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं और 2.54 करोड़ नवजात शिशुओं तक मुफ्त में पहुँचता है।
  • शामिल बीमारियाँ: UIP के तहत नवजात शिशुओं, बच्चों, किशोरों और गर्भवती महिलाओं को 12 बीमारियों से बचाव के लिये टीके लगाए जाते हैं।

  • UIP के तहत शुरू किये गए टीके:
    • निष्क्रिय पोलियो वैक्सीन (IPV) – 2015: इसे वैश्विक पोलियो उन्मूलन रणनीति के अंतर्गत शुरू की गई थी।
    • रोटावायरस वैक्सीन (RVV) – 2016: यह गंभीर डायरिया से बच्चों की मृत्यु दर घटाने हेतु शुरू की गई थी।
    • खसरा-रूबेला (MR) वैक्सीन – 2017: 9 माह से 15 वर्ष की आयु के लगभग 41 करोड़ बच्चों को लक्षित करने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से शुरू की गई थी।
    • न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCV) – 2017: निमोनिया से होने वाली शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये शुरू की गई।
    • टेटनस और एडल्ट डिफ्थीरिया (Td) वैक्सीन: किशोरों और वयस्कों में डिफ्थीरिया के खिलाफ घटती प्रतिरोधक क्षमता को दूर करने के लिये TT वैक्सीन का स्थान लिया।
  • मिशन इंद्रधनुष: दिसंबर 2014 में शुरू किया गया मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य पूर्ण टीकाकरण कवरेज  को 90% से अधिक तक बढ़ाकर UIP को मज़बूत करना है, जिसका लक्ष्य विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले अप्रतिरक्षित और आंशिक रूप से अप्रतिरक्षित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लक्षित करना है। 
    •  गहन इंद्रधनुष मिशन (IMI), जिसे वर्ष 2017 में शुरू किया गया था, का प्राथमिक लक्ष्य दो वर्ष से कम आयु के उन सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करना है जो सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। इस मिशन के अंतर्गत, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों और कम टीकाकरण कवरेज वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
    • पूर्ण टीकाकरण कवरेज वर्ष 2015 में 62% से बढ़कर जनवरी 2026 में 98.4% हो गया है।
  • UIP लागू करने के लिये आवश्यक बुनियादी ढाँचा:
    • टीकाकरण वितरण नेटवर्क: UIP के तहत टीके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), सरकारी अस्पतालों, उप-केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों तथा ग्रामीण स्थानों पर आयोजित आउटरीच सत्रों में उपलब्ध कराए जाते हैं। 
      • वर्ष 2005 से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत UPI को लागू किया गया है, जिसमें शहरी झुग्गी-झोपड़ियों को भी शामिल किया गया है। 
      • आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता - ASHA), आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता (AWWs) और लिंक वर्कर जैसे अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, लाभार्थियों को संगठित करने और यह सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे।
      • मॉडल टीकाकरण केंद्र टीकाकरण सेवाओं को सुदृढ़ करते हैं। ऐसे केंद्र उत्तर प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़ और लद्दाख में पहले से ही कार्यरत हैं।
    • ‘कोल्ड चेन’ अवसंरचना: टीकों की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिये उन्हें एक निश्चित तापमान सीमा के भीतर संगृहीत किया जाना चाहिये, जिसके लिये एक मज़बूत ‘कोल्ड चेन’ प्रणाली की आवश्यकता होती है। 
      • भारत में विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन कोल्ड-चेन नेटवर्क में से एक का संचालन होता है , जिसमें 1.06 लाख से अधिक बर्फ से ढके रेफ्रिजरेटर और डीप फ्रीज़र शामिल हैं। 
      • यह प्रणाली देश भर में प्रतिवर्ष 1.3 करोड़ से अधिक टीकाकरण सत्रों को सहायता प्रदान करती है।
    • डिजिटल निगरानी प्रणाली: वैक्सीन लॉजिस्टिक्स को मज़बूत करने के लिये, इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (eVIN) पूरे देश में वैक्सीन स्टॉक और भंडारण तापमान को वास्तविक समय में ट्रैक करता है, जिससे कुशल आपूर्ति शृंखला प्रबंधन सुनिश्चित होता है।
      • यू-विन (2024) डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों को टीकाकरण केंद्रों का पता लगाने, अपॉइंटमेंट बुक करने और टीकाकरण रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद करता है।
      • CoWIN (2021), कोविड-19 टीकाकरण पंजीकरण और ट्रैकिंग के लिये इस्तेमाल किया जाने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से 220 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं।

भारत के टीकाकरण अभियान में कौन-कौन से महत्त्वपूर्ण चरण हैं?

  • रोग उन्मूलन: भारत ने कई रोगों का सफलतापूर्वक उन्मूलन किया है, जिनमें चेचक शामिल है। इसके अतिरिक्त, देश ने पोलियो (जिसका अंतिम मामला 2011 में दर्ज किया गया था), याव्स और मातृ एवं नवजात टेटनस जैसी बीमारियों को भी समाप्त कर दिया है।
  • वंचितों तक पहुँच:  'शून्य-खुराक' (zero-dose) वाले बच्चों (वे शिशु जिन्हें कोई भी नियमित टीकाकरण प्राप्त नहीं हुआ है) के प्रतिशत में लगभग आधे की कमी आई है, यह वर्ष 2023 के 0.11% से गिरकर 2024 में मात्र 0.06% रह गया है।
  • वैश्विक मान्यता: शिशु मृत्यु दर को कम करने और प्रमुख संक्रामक रोगों को लक्षित करने में भारत की सफलता को 'शिशु मृत्यु दर अनुमान के लिये संयुक्त राष्ट्र अंतर-एजेंसी समूह' (2024) द्वारा स्पष्ट रूप से मान्यता दी गई है, जिससे यह देश शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक वैश्विक उदाहरण के तौर पर स्थापित हुआ है।
  • टीकाकरण और फार्मास्यूटिकल्स में भारत का वैश्विक नेतृत्व: भारत फार्मास्यूटिकल उत्पादन मात्रा के मामले में विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर है और लगभग 200 देशों को दवाओं का निर्यात करता है, जिनमें अमेरिका, बेल्जियम, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन और ब्राज़ील प्रमुख गंतव्य हैं।
    • भारत विश्व के टीकों का लगभग 60% उत्पादन करके विश्व का सबसे बड़ा टीका निर्माता है, और दुनिया भर में कम लागत वाले टीकों की आपूर्ति में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • यह देश जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्त्ता भी है, जो मात्रा के हिसाब से वैश्विक आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा है। 
    • कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के तहत लगभग 100 देशों को 298 मिलियन से अधिक वैक्सीन की आपूर्ति की है।
    • घरेलू फार्मास्यूटिकल निर्माण को सुदृढ़ करने और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिये सरकार ने निवेश और वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से बल्क ड्रग्स (2020), चिकित्सा उपकरण (2020) और फार्मास्यूटिकल्स (2021) के लिये प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाएँ शुरू कीं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. यूनिवर्सल इम्यूनाइज़ेशन प्रोग्राम (UIP) क्या है?
UIP स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 1985 में शुरू की गई एक प्रमुख टीकाकरण योजना है, जिसका उद्देश्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं को 12 टीका-निवारक रोगों के विरुद्ध मुफ्त टीके प्रदान करना है।

2. राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस प्रतिवर्ष 16 मार्च को मनाया जाता है, ताकि 1995 में पल्स पोलियो प्रोग्राम के तहत ओरल पोलियो वैक्सीन की पहली खुराक देने की यादगार घटना का सम्मान किया जा सके, जिसने भारत में पोलियो समाप्त करने में सहायता की।

3. मिशन इंद्रधनुष क्या है?
वर्ष 2014 में शुरू किये गए मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य पूरी टीकाकरण कवरेज को 90% से अधिक तक बढ़ाना है। यह योजना विशेष रूप से उन बालकों और गर्भवती महिलाओं को लक्षित करती है जो अप्राप्त या आंशिक रूप से टीकाकृत हैं, विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में।

4. भारत की टीकाकरण प्रणाली में eVIN की भूमिका क्या है?
इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (eVIN) रियल टाइम में टीके के स्टॉक स्तर और कोल्ड-चेन तापमान को डिजिटल रूप से ट्रैक करता है, जिससे टीका लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति प्रबंध कुशल बनता है।

5. भारत को ‘विश्व की फार्मेसी’ क्यों कहा जाता है?
भारत विश्व के लगभग 60% टीके का उत्पादन करता है और विश्व की लगभग 20% जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है, साथ ही लगभग 200 देशों को फार्मास्यूटिकल उत्पाद निर्यात करता है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)

प्रिलिम्स

प्रश्न. कोविड-19 वैश्विक महामारी को रोकने के लिये बनाई जा रही वैक्सीनों के प्रसंग में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. भारतीय सीरम संस्थान ने mRNA प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर कोविशील्ड नामक कोविड-19 वैक्सीन निर्मित की। 
  2. स्पुतनिक V वैक्सीन रोगवाहक (वेक्टर) आधारित प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर बनाई गई है।  
  3. कोवैक्सीन एक निष्कृत रोगजनक आधारित वैक्सीन है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं?

(a) केवल 1 और 2 

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3 

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)


प्रश्न. 'रिकॉम्बिनेंट वेक्टर वैक्सीन' के संबंध में हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2021)

  1. इन टीकों के विकास में जेनेटिक इंजीनियरिंग का प्रयोग किया जाता है।   
  2. बैक्टीरिया और वायरस का उपयोग वेक्टर के रूप में किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (c)


प्रश्न. भारत में न्यूमोकोकल संयुग्मी वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccines) के उपयोग का क्या महत्त्व है? (2020)

  1. ये वैक्सीन न्यूमोनिया और साथ ही तानिकाशोध और सेप्सिस के विरुद्ध प्रभावी हैं।
  2. उन प्रतिजैविकीय पर निर्भरता कम की जा सकती है, जो औषधीय-प्रतिरोधी जीवाणुओं के विरुद्ध प्रभावी नहीं हैं। 
  3. इन वैक्सीन के कोई गौण प्रभाव (Side Effects) नहीं है और न ही ये वैक्सीन कोई प्रत्यूर्जता संबंधी अभिक्रियाएँ (Allergic Reactions) करती हैं।

नीचे दिये गए क्रूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1

(b) केवल 1 और 2

(c) केवल 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)


प्रश्न. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही नहीं है? (2019)

(a) यकृतशोथ B विषाणु HIV की तरह ही संचरित होता है।

(b) यकृतशोथ C का टीका होता है, जबकि यकृतशोथ B का कोई टीका नहीं होता।

(c) सार्वभौम रूप से यकृतशोथ B और C विषाणुओं से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या HIV से संक्रमित लोगों की संख्या से कई गुना अधिक है।

(d) यकृतशोथ B और C विषाणुओं से संक्रमित कुछ व्यक्तियों में अनेक वर्षों तक इसके लक्षण दिखाई नहीं देते।

उत्तर: (b)


प्रश्न. भारत सरकार द्वारा चलाया गया 'मिशन इंद्रधनुष' किससे संबंधित है? (2016)

(a) बच्चों और गर्भवती महिलाओं का प्रतिरक्षण

(b) पूरे देश में स्मार्ट सिटी का निर्माण

(c) बाहरी अंतरिक्ष में पृथ्वी सदृश ग्रहों के लिये भारत की स्वयं की खोज

(d) नई शिक्षा नीति

उत्तर: (a)