भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण दस्ता थाईलैंड पहुँचा | 28 Jan 2026
भारतीय नौसेना की प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) (जिसमें INS तीर, INS शार्दुल, INS सुजाता और ICGS सारथी शामिल हैं) फुकेट डीप सी पोर्ट पर पहुँचा, जो दक्षिण-पूर्व एशिया की प्रशिक्षण तैनाती को दर्शाती है और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के उद्देश्य से भारत-थाईलैंड के बीच बढ़ती समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है।
- महत्त्व: यह यात्रा अत्यधिक महत्त्वपूर्ण रही क्योंकि वर्ष 2026 को आसियान–भारत समुद्री सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिससे भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और समुद्री कूटनीति को मज़बूती मिली। साथ ही इसी दौरान भारत ने फरवरी 2026 में थाईलैंड से 'हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी' (IONS) की अध्यक्षता ग्रहण करेगा।
- प्रमुख अभ्यास एवं सहभागिताएँ: इस प्रशिक्षण तैनाती में पेशेवर आदान-प्रदान तथा पैसेज अभ्यास (PASSEX) शामिल हैं।
- यह स्थापित द्विपक्षीय पहलों, जैसे– अभ्यास अयुत्थाया और इंडो–थाई समन्वित गश्त (CORPAT) के साथ-साथ त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास सिटमैक्स (भारत–थाईलैंड–सिंगापुर) पर आधारित है।
- नीति सामंजस्य: यह तैनाती भारत के महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा तथा विकास के लिये पारस्परिक और समग्र उन्नति) दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- यह हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग के प्रति प्रतिबद्ध एक ज़िम्मेदार समुद्री साझेदार के रूप में भारत की भूमिका की पुनः पुष्टि करता है।
|
और पढ़ें: भारत-थाईलैंड संबंध |