ग्रंथ कुटीर | 27 Jan 2026

स्रोत: द हिंदू

हाल ही में भारत के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में  ग्रंथ कुटीर का उद्घाटन किया।

ग्रंथ कुटीर

  • परिचय: ग्रंथ कुटीर भारत की शास्त्रीय ज्ञान परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला एक समर्पित पुस्तक गृह है।
    • इसमें तमिल, संस्कृत, कन्नड़, मलयालम और मराठी सहित 11 भारतीय शास्त्रीय भाषाओं के ग्रंथ संगृहीत हैं, जिनमें लगभग 2,300 पुस्तकें और करीब 50 पांडुलिपियाँ शामिल हैं।
    • कई पांडुलिपियाँ ताड़पत्र, कागज़, वृक्ष की छाल और वस्त्र जैसी पारंपरिक सामग्रियों पर हस्तलिखित हैं।
  • कवरेज: यह संग्रह महाकाव्यों, दर्शनशास्त्र, भाषाविज्ञान, इतिहास, शासन, विज्ञान, भक्ति साहित्य तथा भारत के संविधान से संबंधित कृतियों को समाहित करता है।
  • सहयोग: इसका विकास केंद्र और राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों तथा व्यक्तिगत दाताओं के सहयोग से किया गया है।
  • महत्त्व: इसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा विविधता में एकता को प्रोत्साहित करना है।
    • यह ज्ञान भारतम मिशन का समर्थन करता है तथा भारत की शास्त्रीय भाषाओं और ज्ञान परंपराओं के संरक्षण, संवर्द्धन एवं प्रसार के प्रयासों को सुदृढ़ करता है।

और पढ़ें: राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM) का पुनः प्रवर्तन