भारत में पहला सेमीकंडक्टर फैब | 17 Apr 2026
भारत ने गुजरात के ढोलेरा में एक नए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के भीतर देश के पहले सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (चिप निर्माण इकाई) की स्थापना को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है, जो भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विनिर्माण पारिस्थितिक तंत्र में एक महत्त्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
- भारत में पहला सेमीकंडक्टर फैब: यह विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर तथा IT/ITES के लिये समर्पित है और इससे लगभग 21,000 लोगों के लिये रोज़गार सृजन होने की संभावना है।
- सेमीकंडक्टर फैब: सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट या ‘फैब’ एक अत्यंत उन्नत, बहु-अरब डॉलर की लागत वाला संयंत्र होता है, जहाँ माइक्रोचिप्स (इंटीग्रेटेड सर्किट) का निर्माण अति-शुद्ध सिलिकॉन वेफर्स पर नैनो-स्तरीय सटीकता के साथ किया जाता है।
- क्लास 1 क्लीनरूम के भीतर फोटोलीथोग्राफी, डोपिंग और मेटलाइज़ेशन जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से अरबों ट्रांजिस्टर तैयार किये जाते हैं, जो स्मार्टफोन से लेकर एआई प्रणालियों तक विभिन्न उपकरणों को शक्ति प्रदान करते हैं।
- प्रगतिशील SEZ नियम संशोधन (जून 2025): इस क्षेत्र में उच्च मूल्य और पूंजी-गहन निवेश को सुगम बनाने के लिये सरकार ने SEZ नियम, 2006 में संशोधन किया। प्रमुख सुधारों में शामिल हैं:
- क्षेत्र-विशिष्ट SEZs के लिये न्यूनतम भूमि आवश्यकता को 50 हेक्टेयर से घटाकर 10 हेक्टेयर करना।
- बोझ/बंधन मानकों में लचीलापन लाना।
- नेट विदेशी मुद्रा (NFE) गणना में बिना लागत आपूर्ति को शामिल करने की अनुमति देना।
- घरेलू टैरिफ क्षेत्र (DTA) में लागू शुल्कों के भुगतान के अधीन घरेलू बिक्री की अनुमति देना।
- रणनीतिक महत्त्व: भारत भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत एक संपूर्ण घरेलू विनिर्माण पारिस्थितिक तंत्र विकसित कर रहा है, जिसका लक्ष्य देश के भीतर रसायनों और गैसों से लेकर चिप निर्माण मशीनरी तक पूरी सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला का उत्पादन करना है।
- इन पहलों का उद्देश्य घरेलू मूल्य शृंखलाओं को प्रोत्साहित करना, उच्च कौशल वाले रोज़गार सृजित करना, आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के लिये वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
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