अवैध सट्टेबाज़ी और गैंबलिंग साइटों पर प्रतिबंध | 21 Jan 2026
हाल ही में केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्द्धन और विनियमन अधिनियम, 2025 के तहत रियल-मनी ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध के बाद 242 अवैध सट्टेबाज़ी और जुआ वेबसाइटों को ब्लॉक किया, जिससे इस श्रेणी में कुल ब्लॉक की गई वेबसाइटों की संख्या 7,800 हो गई है।
ऑनलाइन गैंबलिंग/जुआ
- परिचय: ऑनलाइन जुआ में इंटरनेट के माध्यम से धन या पुरस्कार जीतने के लिये सट्टेबाज़ी शामिल है, जिसमें कैसीनो गेम्स, खेल सट्टेबाज़ी, पोकर और लॉटरी शामिल हैं। नियम और विनियम देश-देश में भिन्न होते हैं।
- कार्यप्रणाली: अवैध संचालक GST से बचकर नियामक अंतरालों का दुरुपयोग करते हैं, ब्लॉकिंग से बचने के लिये बार-बार URL बदलते हैं और म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से धन को विदेश भेज देते हैं, जिससे प्रवर्तन तथा वित्तीय वसूली जटिल हो जाती है।
- भारत में स्थिति: हालाँकि सट्टेबाज़ी और जुआ पारंपरिक रूप से राज्य सूची की एंट्री 34 के अंतर्गत आते हैं, ऑनलाइन गेमिंग संवर्द्धन और विनियमन अधिनियम, 2025 ने सभी रियल-मनी ऑनलाइन गेम्स पर पूरे देश में प्रतिबंध लगा दिया है।
- यह अधिनियम रियल-मनी गेमिंग की पेशकश, विज्ञापन या सुविधा प्रदान करने पर रोक लगाता है और बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों को ऐसे प्लेटफॉर्म से जुड़े भुगतान को प्रोसेस करने से रोकता है।
- प्राधिकरणों को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2000 के तहत अवैध ऑनलाइन गेमिंग और जुआ प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने का अधिकार प्राप्त है।
- GST प्रावधान: ऑनलाइन मनी गेमिंग, कैसीनो और हॉर्स रेसिंग पर 28% GST लागू है।
- ऑनलाइन गेमिंग बनाम जुआ: मुख्यतः कौशल/स्किल पर आधारित गतिविधियों को गेमिंग माना जाता है, जबकि संयोग/भाग्य पर आधारित गतिविधियों को जुआ माना जाता है।