वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण- 4 | 11 Aug 2021

प्रिलिम्स के लिये

 वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण, विश्व तंबाकू निषेध दिवस, विश्व स्वास्थ्य संगठन

मेन्स के लिये 

तंबाकू नियंत्रण हेतु किये गए विभिन्न प्रयास

चर्चा में क्यों?

हाल ही में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) द्वारा वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण (GYTS-4) के चौथे चरण की शुरुआत की गई । 

प्रमुख बिंदु

परिचय:

  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के तहत इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज़ (IIPS)) द्वारा वर्ष 2019 में वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण का चौथा चरण (GYTS-4) आयोजित किया गया था।
    • IIPS, मुंबई जिसे पहले 1970 तक जनसांख्यिकी प्रशिक्षण और अनुसंधान केंद्र (DTRC) के रूप में जाना जाता था, की स्थापना सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र (UN) के संयुक्त प्रयोजन के तहत वर्ष 1956 में की गई थी।
    •  यह एशिया और  प्रशांत क्षेत्र (ESCAP) के लिये आर्थिक और सामाजिक आयोग हेतु जनसंख्या अध्ययन के मामले में प्रशिक्षण और अनुसंधान हेतु एक क्षेत्रीय संस्थान के रूप में कार्य करता है।
  • सर्वेक्षण को राज्य और केंद्रशासित प्रदेश (UT) में 13-15 वर्ष की आयु के स्कूल जाने वाले बच्चों की लैंगिकता, स्कूल के स्थान (ग्रामीण-शहरी) और स्कूल के प्रबंधन (सार्वजनिक-निजी) के बीच तंबाकू के उपयोग का राष्ट्रीय अनुमान तैयार करने के लिये डिज़ाइन किया गया था। 
  • GYTS के पहले तीन चरण 2003, 2006 और 2009 में आयोजित किये गए थे।
  • सर्वेक्षण में 987 स्कूलों के कुल 97,302 छात्रों ने भाग लिया।

सर्वेक्षण का उद्देश्य:

  • सर्वेक्षण का उद्देश्य तंबाकू के उपयोग, तंबाकू को छोड़ना, दूसरों द्वारा किये गए धूम्रपान का असर, पहुँच और उपलब्धता, तंबाकू के दुष्परिणाम बताने वाली जानकारियों तक पहुँच, जागरूकता व तंबाकू की मार्केटिंग, जानकारी एवं दृष्टिकोण आदि के सबंध में सूचना प्रदान करना था।

प्रमुख परिणाम:

  • तंबाकू के प्रयोग में गिरावट:
    • पिछले एक दशक में स्कूल जाने वाले 13-15 वर्ष के बच्चों में तंबाकू के सेवन में 42 प्रतिशत की गिरावट आई है।
    • 13-15 वर्ष की आयु के छात्रों में से करीब प्रत्येक 5 में एक ने अपने जीवन में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद (धूम्रपान, धुआँ रहित और किसी भी अन्य रूप) का उपयोग किया।
  • लिंग आधारित उपयोग:
    • किसी भी प्रकार के तंबाकू के सेवन की मात्रा के मामले में लड़कों की संख्या अधिक थी। लड़कों में तंबाकू के सेवन का प्रसार 9.6 प्रतिशत और लड़कियों में 7.4 प्रतिशत था।
  • राज्यवार आँकड़ा:
    • स्कूल जाने वाले बच्चों में तंबाकू का सेवन करने वाले अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम में सबसे अधिक तथा हिमाचल प्रदेश एवं कर्नाटक में सबसे कम थे।
  • तंबाकू की शुरुआत की उम्र:
    • सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले 38 प्रतिशत, बीड़ी का इस्तेमाल करने वाले 47 प्रतिशत और धूम्रपान रहित तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले 52 प्रतिशत ने 10 वर्ष की आयु से पूर्व ही तंबाकू का इस्तेमाल शुरू कर दिया।
    • सिगरेट, बीड़ी तथा धूम्रपान रहित तंबाकू के सेवन की शुरुआती औसत आयु क्रमशः 11.5 वर्ष, 10.5 वर्ष और 9.9 वर्ष थी।
  • जागरूकता:
    • 52 प्रतिशत छात्रों ने मुख्य/मास मीडिया में तंबाकू के दुष्परिणाम बताने वाले संदेशों को तथा 18 प्रतिशत छात्रों ने बिक्री स्थलों पर तंबाकू के हानिकारक विज्ञापन या प्रचार को देखा।
    • 85% स्कूल प्रमुख रूप से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 से अवगत थे और 83% स्कूल 'तंबाकू मुक्त स्कूल' बोर्ड प्रदर्शित करने की नीति से अवगत थे।

 भारत में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में उपाय:

  •  WHO FCTC को अपनाना:
  • COTPA, 2003:
    • इसने 1975 के सिगरेट अधिनियम को प्रतिस्थापित कर दिया (बड़े पैमाने पर वैधानिक चेतावनियों के ज़रिये- 'सिगरेट धूम्रपान स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है' जिसे सिगरेट पैक और विज्ञापनों पर प्रदर्शित किया जाता है। इसमें गैर-सिगरेट उत्पाद शामिल नहीं थे)।
    • वर्ष 2003 के  इस अधिनियम में सिगार, बीड़ी, चुरूट, पाइप तंबाकू, हुक्का, चबाने वाला तंबाकू, पान मसाला और गुटखा भी शामिल था।
  • इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अध्यादेश, 2019 की घोषणा:
    • यह ई-सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन को प्रतिबंधित करता है।
  • नेशनल टोबैको क्विटलाइन सर्विसेज़ (NTQLS): 
    • टोबैको क्विटलाइन सर्विसेज़ में बड़ी संख्या में तंबाकू उपयोगकर्त्ताओं तक पहुँचने की क्षमता है, जिसका एकमात्र उद्देश्य तंबाकू बंद करने के लिये टेलीफोन आधारित जानकारी, सलाह, समर्थन और रेफरल प्रदान करना है।
  • एम-सेसेशन कार्यक्रम (mCessation Programme):
    • यह तंबाकू छोड़ने के लिये मोबाइल प्रौद्योगिकी आधारित एक पहल है।
    • भारत ने सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के हिस्से के रूप में वर्ष 2016 में टेक्स्ट संदेशों का उपयोग करते हुए mCessation की शुरुआत की थी।

वैश्विक पहल:

  • विश्व तंबाकू निषेध दिवस- 31 मई
  • WHO फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल : विभिन्न देशों की सरकारों द्वारा ‘WHO फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल’ (WHO FCTC) के तंबाकू नियंत्रण प्रावधानों को अपनाया गया है और लागू किया गया है।

आगे की राह 

  • तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बच्चों और उनके माता-पिता के बीच जागरूकता पैदा करने तथा इस संबंध में बच्चों के दृष्टिकोण को आकार देने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है।
  • तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बच्चों में जितनी जल्दी जागरूकता पैदा की जाएगी, बच्चों में और इसके परिणामस्वरूप वयस्कों में तंबाकू के उपयोग की व्यापकता में कमी लाने के परिणाम बेहतर होंगे।
  • तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों को प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही विभिन्न स्तरों पर स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिये।

स्रोत : द हिंदू