स्वर्ण की कीमतों में गिरावट | 28 Mar 2026

स्रोत: द हिंदू 

चर्चा में क्यों? 

पश्चिम एशियाई संघर्ष बढ़ने के बावजूद वैश्विक तथा देश में स्वर्ण की कीमतों में तीव्र एवं असामान्य गिरावट देखी गई है। परंपरागत रूप से स्वर्ण भू-राजनीतिक या वित्तीय संकटों के दौरान एक सुरक्षित निवेश परिसंपत्ति के रूप में कार्य करता है, किंतु वर्तमान व्यापक आर्थिक गतिशीलताओं ने इस पूर्व की प्रचलित प्रवृत्ति से विचलन दर्शाया है।

स्वर्ण की कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण कौन-से हैं?

  • तेल की कीमतों में आकस्मिक वृद्धि और मुद्रास्फीति भार: पश्चिम एशियाई संघर्ष से वैश्विक तेल आपूर्ति शृंखलाएँ गंभीर रूप से बाधित हो गई हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं (हालिया प्रवृत्ति 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक)।
    • ऊर्जा की बढ़ती लागत व्यापक स्तर पर व्यापक आर्थिक मुद्रास्फीति उत्पन्न करती है। तेल- जनित मुद्रास्फीति से निपटने के लिये प्रमुख केंद्रीय बैंक (जैसे– अमेरिकी फेडरल रिज़र्व) ब्याज दरों में कटौती करने के पक्ष में नहीं हैं।
    • बाज़ार में वर्तमान परिदृश्य में संकुचनवादी मौद्रिक नीति की आशंका है, जिसके तहत मांग को कम करने के लिये ब्याज दरें लंबे समय तक ऊँची बनी रहेंगी।
  • बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि: उच्च ब्याज दरों के जारी रहने की आशंका के साथ अमेरिकी ट्रेज़री बॉण्ड (जो गारंटीकृत, निश्चित रिटर्न प्रदान करते हैं) अत्यधिक आकर्षक हो गए हैं।
    • निवेशक शून्य-प्रतिफल वाले स्वर्ण से पूंजी का आहरण कर उच्च-प्रतिफल वाले सरकारी बॉण्ड में निवेश कर रहे हैं।
  • अमेरिकी डॉलर का सुदृढ़ीकरण: वैश्विक पूंजी का प्रवाह उच्च प्रतिफल प्राप्त करने के लिये अमेरिकी ऋण बाज़ारों में होने से अमेरिकी डॉलर सूचकांक का सुदृढ़ीकरण होता है।
    • डॉलर की कीमत बढ़ने से विदेशी खरीदारों के लिये स्वर्ण मौलिक रूप से अधिक महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक भौतिक और निवेश मांग में कमी आती है।
  • नकदी संकट और मुनाफा वसूली: मौजूदा गिरावट से पहले स्वर्ण की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं। भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण वैश्विक शेयर बाज़ारों में व्यापक विक्रय हुआ, जिससे निवेशकों को नकदी संकट का सामना करना पड़ा।
    • मार्जिन कॉल और इक्विटी पोर्टफोलियो के नुकसान की भरपाई के लिये निवेशकों ने अपने अत्यधिक लाभदायक स्वर्ण धारिताओं को बेचकर मुनाफा वसूली का विकल्प अपनाया, जिससे बाज़ार में अतिरिक्त आपूर्ति हो गई और कीमतों में और भी गिरावट हुई।

सुरक्षित निवेश के रूप में स्वर्ण की पारंपरिक भूमिका

  • सुरक्षित निवेश विकल्प: ऐतिहासिक रूप से (उदाहरणार्थ, वर्ष 2008 के वित्तीय संकट, कोविड-19 महामारी और वर्ष 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान), जब शेयर बाज़ार और फिएट मुद्राएँ अस्थिर हो जाती हैं, तो निवेशक अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिये स्वर्ण में निवेश का विकल्प चुनते हैं।
  • ब्याज दरों के साथ प्रतिलोम संबंध: स्वर्ण से प्रतिफल प्राप्त नहीं होता है (इससे ब्याज या लाभांश प्राप्त नहीं होता)। 
    • ब्याज दरें कम होने पर यह सामान्यतया सबसे उपयुक्त विकल्प होता है, क्योंकि सरकारी बॉण्ड जैसे ब्याज अर्जक परिसंपत्तियों की तुलना में स्वर्ण धारिता की अवसर लागत कम हो जाती है।
  • अमेरिकी डॉलर के साथ प्रतिलोम संबंध: स्वर्ण का वैश्विक मूल्य निर्धारण अमेरिकी डॉलर (USD) में होता है। डॉलर की कीमत कम होने से अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिये स्वर्ण सस्ता हो जाता है, जिससे मांग और कीमतें बढ़ जाती हैं।

अमेरिकी डॉलर: नया सुरक्षित निवेश विकल्प

  • अल्पकालिक डॉलर का प्रभुत्व: निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर प्राथमिक सुरक्षित निवेश के रूप में कार्य कर रहा है। चूँकि वैश्विक तेल व्यापार मुख्य रूप से डॉलर में होता है (पेट्रोडॉलर), तेल की बढ़ती कीमतें देशों को अपने ऊर्जा आयात के लिये अधिक डॉलर प्राप्त करने के लिये मजबूर करती हैं, जिससे संरचनात्मक रूप से स्वर्ण की तुलना में डॉलर की मांग बढ़ जाती है।
  • दीर्घकालिक डॉलर-विरोधी रणनीति: मौजूदा मूल्य सुधार के बावजूद समग्र दुनिया के केंद्रीय बैंक (विशेषकर उभरते बाज़ारों में) स्वर्ण का महत्त्वपूर्ण रूप से संचय करना जारी रखे हुए हैं। 
    • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपने विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि के एक रणनीतिक घटक के रूप में अपनी स्वर्ण धारिता में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके तहत वर्ष 2025 के अंत तक कुल स्वर्ण धारिता 880 मीट्रिक टन से अधिक रही, जो आरक्षित निधि का 15.17% है।
    • यह डी-डॉलराइज़ेशन और पश्चिमी वित्तीय प्रतिबंधों से बचाव के लिये विदेशी आरक्षित निधि में विविधता लाने की दिशा में दीर्घकालिक रणनीतिक बदलाव से प्रेरित है।

स्वर्ण

  • तत्त्व से संबंधित मूल बातें: स्वर्ण का रासायनिक प्रतीक Au है (यह लैटिन शब्द aurum से लिया गया है, जिसका अर्थ “चमक भोर” होता है)। इसका परमाणु क्रमांक 79 है, जिससे यह प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले उच्च परमाणु क्रमांक वाले तत्त्वों में से एक है।
    • स्वर्ण अत्यंत दुर्लभ है और इसका अधिकांश निर्माण उल्कापिंडों के प्रभाव से हुआ माना जाता है।
  • लचीलापन और तन्यता: स्वर्ण सभी ज्ञात धातुओं में सबसे अधिक लचीला और तन्य होता है।
  • अक्रिय धातु: यह रासायनिक रूप से अभिक्रियाहीन होता है। इसमें न ज़ंग लगता है और न ही इसका क्षरण होता है। यह वायु, नमी और अधिकांश अम्लों से प्रभावित नहीं होता, केवल नाइट्रिक और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विशेष संक्षारक मिश्रण (जिसे एक्वारेजिया कहा जाता है) में घुलता है।
  • चालकता: यह ऊष्मा और विद्युत दोनों का उत्कृष्ट चालक है।
  • आर्थिक एवं वित्तीय महत्त्व: स्वर्ण की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है (24K = 99.9% शुद्ध)। इसे मज़बूती के लिये अक्सर मिश्रधातु के रूप में उपयोग किया जाता है।
    • यह एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, ऐतिहासिक रूप से स्वर्ण मानक से जुड़े होने के साथ इसे केंद्रीय बैंकों द्वारा रणनीतिक भंडार के रूप में रखा जाता है।
  • तकनीकी एवं औद्योगिक उपयोग: अपनी उच्च चालकता और क्षरण-प्रतिरोध के कारण स्वर्ण का व्यापक रूप से उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊष्मा परावर्तन के लिये एयरोस्पेस अनुप्रयोगों में तथा चिकित्सा और दंत चिकित्सा में किया जाता है। इसमें स्वर्ण के नैनोकणों जैसे उन्नत उपयोग भी शामिल हैं।

भारत में स्वर्ण भंडार

  • भारत में स्वर्ण एक प्रमुख खनिज संसाधन है जिसका आर्थिक और रणनीतिक महत्त्व है। यह मुख्य रूप से स्वर्णयुक्त चट्टानों और जलोढ़ निक्षेपों में पाया जाता है तथा इसका अधिकतर संकेंद्रण प्रायद्वीपीय पठार में है।
  • कर्नाटक इसका प्रमुख उत्पादक राज्य है, जहाँ कोलार और हुट्टी जैसे प्रमुख क्षेत्र स्थित हैं, जबकि आंध्र प्रदेश रामगिरि क्षेत्र के साथ इसके बाद आता है।
    • कोलार ज़िले में स्थित कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) विश्व की सबसे पुरानी और गहरी स्वर्ण खानों में से एक है।
  • भंडार के संदर्भ में बिहार का सबसे अधिक हिस्सा (~45%) है। इसके बाद राजस्थान (~23%) का स्थान है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और केरल का योगदान अपेक्षाकृत कम है, जहाँ स्वर्ण प्रायः जलोढ़ निक्षेपों में पाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. किस कारण स्वर्ण को सुरक्षित निवेश माना जाता है?
स्वर्ण ब्याज न देने वाली तथा मुद्रास्फीति से सुरक्षा प्रदान करने वाली परिसंपत्ति है, जिसकी मांग आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय बढ़ जाती है।

2. हाल ही में स्वर्ण की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिका में उच्च ब्याज दरें और बढ़ते बॉन्ड यील्ड्स के कारण निवेश स्वर्ण से हटकर ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की ओर हुआ है।

3. कच्चे तेल की कीमतें स्वर्ण की कीमतों को कैसे प्रभावित करती हैं?
तेल की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति को बढ़ाती हैं, जिससे सख्त मौद्रिक नीति अपनाई जाती है और स्वर्ण की मांग नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है।

4. केंद्रीय बैंक के भंडार में स्वर्ण का क्या महत्त्व है?
स्वर्ण एक रणनीतिक संपत्ति भंडार के रूप में भूमिका निभाता है, जो विविधीकरण में सहायता करता है और डॉलर पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को समर्थन देता है।

5. भारत में स्वर्ण मुख्य रूप से कहाँ पाया जाता है?
भारत में स्वर्ण के भंडार मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय पठार (विशेषकर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, बिहार और राजस्थान) में केंद्रित हैं।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स:

प्रश्न. सरकार की 'संप्रभु स्वर्ण बॉण्ड योजना'  (Sovereign Gold Bond Scheme) एवं 'स्वर्ण मुद्रीकरण योजना' (Gold Monetization Scheme) का/के उद्देश्य क्या है/ हैं?  (2016)

  1. भारतीय गृहस्थों के पास निष्क्रिय पड़े स्वर्ण को अर्थव्यवस्था में लाना
  2.  स्वर्ण एवं आभूषण के क्षेत्र में एफडीआई (FDI) को प्रोत्साहित करना
  3.  स्वर्ण-आयात पर भारत की निर्भरता में कमी लाना

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये: 

(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c)


प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा समूह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल है? (2013)   

(a) विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और विदेशों से ऋण।
(b) विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, आरबीआई और एसडीआर की स्वर्ण होल्डिंग्स।
(c) विदेशी मुद्रा संपत्ति, विश्व बैंक से ऋण और एसडीआर।
(d) विदेशी मुद्रा संपत्ति, आरबीआई की स्वर्ण होल्डिंग और विश्व बैंक से ऋण।

उत्तर: (b) 


Q. भारतीय सरकारी बॉण्ड प्रतिफल निम्नलिखित में से किससे/किनसे प्रभावित होता है/होते हैं?

  1. यूनाइटेड स्टेट्स फेडरल रिज़र्व की कार्रवाई
  2.  भारतीय रिज़र्व बैंक की कार्रवाई
  3.  मुद्रास्फीति एवं अल्पावधि ब्याज दर

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)