प्रिलिम्स फैक्ट्स (01 Jun, 2021)



प्रिलिम्स फैक्ट: 01 जून, 2021

गोवा का स्थापना दिवस

Statehood Day of Goa

30 मई को गोवा राज्य का स्थापना दिवस (Statehood Day of Goa) मनाया गया।

Goa

प्रमुख बिंदु:

गोवा की भौगोलिक अवस्थिति:

  • गोवा, भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर कोंकण के रूप में जाने जाने वाले क्षेत्र में स्थित है और भौगोलिक रूप से दक्कन उच्च भूमि से पश्चिमी घाट द्वारा अलग होता है।

राजधानी: 

  • पणजी।

आधिकारिक भाषा: इसकी अधिकारिक  भाषा कोंकणी है जो आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है।

सीमाएँ: 

  • यह उत्तर में महाराष्ट्र, पूर्व और दक्षिण में कर्नाटक से घिरा हुआ है तथा अरब सागर इसके पश्चिमी तट का निर्माण करता है।

इतिहास:

  • जैसे ही भारत ने 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की उसने पुर्तगालियों से अपने क्षेत्र को वापस लौटाने का अनुरोध किया परंतु पुर्तगालियों ने ऐसा करने से मना कर दिया।
  • राजनयिक प्रयासों की विफलता के बाद भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना द्वारा गोवा में ‘ऑपरेशन विजय' चलाकर 19 दिसंबर,1961 को इसे पुर्तगालियों से मुक्त करा लिया गया।
    • प्रत्येक वर्ष 19 दिसंबर को भारत में गोवा मुक्ति दिवस मनाया जाता है।
    • उल्लेखनीय है कि पुर्तगाली भारत आने वाले पहले यूरोपीय (वर्ष 1498 में) और इस भूमि को छोड़ने वाले अंतिम (वर्ष 1961) थे।
  • 30 मई, 1987 में इस क्षेत्र को विभाजित किया गया और गोवा को पूर्ण राज्य तथा दमन और दीव को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा दिया गया।

भौगोलिक विशेषताएँ:

  • गोवा का उच्चतम बिंदु सोंसोगोर (Sonsogor) है।
  • गोवा के उत्तर में तेरेखोल नदी बहती है जो गोवा को महाराष्ट्र से अलग करती है, राज्य की अन्य प्रमुख नदियों में मांडवी, जुआरी, चपोरा, रखोल, गलगिबाग, कुम्बरजुआ नहर, तलपोना और साल आदि शामिल हैं।
  • गोवा की अधिकांश मृदा आवरण लेटराइट से बना है।

वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान:


ओपीवी सजग

OPV Sajag

हाल ही में अपतटीय गश्ती पोत (Offshore Patrol Vessel- OPV) सजग (Sajag) को भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard- ICG) में शामिल किया गया है।

OPV-Sajag

प्रमुख बिंदु:

सजग के संदर्भ में: 

  • यह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित पाँच OPV में से तीसरा है। इसे मेक इन इंडिया पॉलिसी के तहत बनाया गया है।
    • अन्य चार ओपीवी भारतीय तटरक्षक पोत (ICGS) सक्षम, ICGS सचेत, ICGS सुजीत और ICGS सार्थक हैं।
  • यह उन्नत प्रौद्योगिकी उपकरण, हथियारों और सेंसर से सुसज्जित है जो एक ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टर तथा चार उच्च गति वाली नौकाओं को ले जाने में सक्षम है।
    • OPVs लंबी दूरी की सतह के जहाज़ हैं जो तटीय और अपतटीय गश्त, समुद्री क्षेत्रों की पुलिसिंग, नियंत्रण तथा निगरानी, ​​तस्करी विरोधी एवं सीमित युद्धकालीन भूमिकाओं के साथ समुद्री डकैती विरोधी अभियानों हेतु सक्षम हैं।
  • यह आने वाले वर्षों में अधिक-से-अधिक ज़िम्मेदारियों का प्रबंधन करने में मदद करेगा और सकुशल, सुरक्षित तथा स्वच्छ समुद्र सुनिश्चित करने के साथ-साथ पड़ोस में समुद्री आपात स्थितियों के लिये तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिये ICGs समवर्ती एकाधिक संचालन क्षमता को मज़बूती प्रदान करेगा।

भारतीय तटरक्षक बल (ICG): 

  • इसके संदर्भ में:
    • यह रक्षा मंत्रालय के तहत एक सशस्त्र बल, खोज और बचाव तथा समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसी है।
    • इसमें सतह और वायु संचालन दोनों के लिये कार्य करने के क्षमता है। यह विश्व के सबसे बड़े तट रक्षकों में से एक है।
  • स्थापना:
    • इसकी स्थापना 18 अगस्त, 1978 को तटरक्षक अधिनियम, 1978 द्वारा की गई थी। यह गैर-सैन्य कार्य करता है।
    • ICG के गठन की अवधारणा वर्ष 1971 के युद्ध के बाद अस्तित्व में आई तथा रुस्तमजी समिति द्वारा एक बहु-आयामी तटरक्षक के लिये दूरदर्शी खाका तैयार किया गया था।
  • मुख्यालय:
    • ICG का नेतृत्व महानिदेशक भारतीय तटरक्षक (DGICG) करते हैं जो नई दिल्ली में स्थित तटरक्षक मुख्यालय (CGHQ) से अपनी समग्र कमान और अधीक्षण का प्रयोग करते हैं।
  • अधिकार - क्षेत्र:
    • सन्निहित क्षेत्र और अनन्य आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone-EEZ) सहित भारत के क्षेत्रीय जल पर इसका अधिकार क्षेत्र है।
  • कार्य:
    • भारत के समुद्री क्षेत्रों में समुद्री पर्यावरण संरक्षण के लिये उत्तरदायी।
    • भारतीय जल क्षेत्र में तेल रिसाव की प्रतिक्रिया के लिये ​एक समन्वय प्राधिकारी के रूप में कार्य करता है।
    • भारत के समुद्री हितों की रक्षा करता है और इसके समुद्री कानून को लागू करता है।

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 01 जून, 2021

अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस

विश्व भर में प्रत्येक वर्ष 1 जून को अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस मनाया जाता है। रूस में अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस पहली बार वर्ष 1949 में मनाया गया था। इसका निर्णय मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय महिला लोकतांत्रिक संघ की एक विशेष बैठक में लिया गया था। 1 जून, 1950 को विश्व के 51 देशों में अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस पहली बार मनाया गया था। इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना है। इस दिन बच्चों को तोहफे दिये जाते हैं तथा उनके लिये विशेष समारोहों का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में करीब 43 लाख से ज़्यादा बच्चे बाल मज़दूरी करते हैं। यूनिसेफ के अनुसार विश्व के कुल बाल मज़दूरों में 12 फीसदी की हिस्सेदारी अकेले भारत की है। भारत में कानून के अनुसार, बाल श्रम कराने पर छह माह से दो साल तक कारावास की सज़ा हो सकती है। 

डेल्टा और कप्पा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस के दो वैरिएंट B.1.617.1 और B.1.617.2 का नामकरण किया है। अब B.1.617.1 वैरिएंट को कप्पा (Kappa) और B.1.617.2 वैरिएंट को डेल्टा (Delta) कहा जाएगा। ये दोनों वैरिएंट सबसे पहले भारत में पाए गए थे। WHO द्वारा कोरोना वायरस के दो नए वैरिएंट्स का नाम डेल्टा और कप्पा रखने का फैसला भारत की आपत्ति के करीब तीन हफ्ते बाद आया। UN हेल्थ एजेंसी के अनुसार एक एक्सपर्ट ग्रुप ने अल्फा, बीटा और गामा जैसे ग्रीक अल्फाबेट के लेबलिंग की पैरवी की थी ताकि नॉन-साइंटिफिक लोगों को लिये इसका उच्चारण आसान हो जाए तथा साथ ही उनकी उत्पत्ति वाले देशों से उनका लेबल हटा दिया जाए।

बिज़नेस कॉन्फिडेंस सर्वे

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ- फिक्की द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक “बिज़नेस कॉन्फिडेंस सर्वे” के अनुसार, मई 2021 के दौरान भारतीय कंपनियों का कारोबारी विश्वास तीन तिमाहियों में अपने सबसे निचले स्तर पर रहा, जबकि पिछले सर्वेक्षण में यह विश्वास पूरे दशक के उच्च स्तर पर था। सर्वेक्षण के निष्कर्षों के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों के कारण व्यापार विश्वास सूचकांक (BCI) में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले सर्वेक्षण में BCI स्तर 2 पर था जबकि नवीनतम सर्वेक्षण में यह 1.5 पर है। सर्वेक्षण के अनुसार, रोज़गार और निर्यात में भी गिरावट दर्ज की गई है। ध्यातव्य है कि फिक्की भारत के व्यापारिक संगठनों का संघ है जिसकी स्थापना वर्ष 1927 में महात्मा गांधी की सलाह पर घनश्याम दास बिड़ला एवं पुरुषोत्तम ठक्कर द्वारा की गई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

प्रदीप चंद्रन नायर

लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्रन नायर ने 1 जून, 2021 को असम राइफल्स के 21वें महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया है। लेफ्टिनेंट जनरल नायर इससे पहले भारतीय सेना के भर्ती विभाग के महानिदेशक थे। लेफ्टिनेंट जनरल नायर को असम राइफल्स और पूर्वोत्तर की सुरक्षा के संबंध में काफी अनुभव है। वह असम राइफल्स (AR) में महानिरीक्षक और कंपनी कमांडर भी रहे हैं। इसके अलावा वह ब्रिगेड कमांडर के रूप में AR बटालियन की कमान संभाल चुके हैं। वह ‘पूर्वोत्तर के प्रहरी’ के रूप में जाने जाने वाले असम राइफल्स के 21वें महानिदेशक हैं। जनरल नायर को अति विशिष्ट सेवा पदक, युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें वर्ष 1985 में सिख रेजिमेंट में शामिल किया गया था। असम राइफल्स बल पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा के लिये उत्तरदायी है। यह बल सुरक्षा मुहैया कराने, जनकल्याण के कार्य करने और विकास कार्यों में मदद करने समेत विविध भूमिकाएँ निभाता है।