महत्त्वपूर्ण रिपोर्ट्स की जिस्ट

सुरक्षित जलवायु | 24 Feb 2020 | जैवविविधता और पर्यावरण

मानव अधिकारों और पर्यावरण पर विशेष प्रतिवेदक की एक रिपोर्ट:

यह रिपोर्ट जलवायु परिवर्तन सहित सभी पर्यावरणीय मुद्दों पर मानवाधिकारों से संबंधित मानदंडों पर चर्चा करती है तथा उन तत्त्वों की एक श्रृंखला से संबंधित महत्त्वपूर्ण दायित्वों के बारे में भी स्पष्टता प्रदान करती है जो एक सुरक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ एवं सतत् पर्यावरण के लिये आवश्यक हैं।

वर्तमान समय में मानव सभ्यता:

मानव सभ्यता का उद्भव तथा पर्यावरण प्रदूषण:

जलवायु परिवर्तन प्रभावों का अवलोकन

(Overview of Climate Change Impacts)

warmest

वैश्विक जलवायु संकट के कारण

(Causes of the global climate crisis):

भविष्य की चुनौतियों का विस्तार

(Magnitude of the Challenges Ahead)

मानवाधिकारों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव

(Effects of Climate Change on the Enjoyment of Human Rights):

A. जीवन का अधिकार
(Right to Life):

B. स्वास्थ्य का अधिकार
(Right to Health)

C. भोजन का अधिकार
(Right to Food)

D. जल एवं स्वच्छता का अधिकार
(Right to Water and Sanitation)

E. बच्चों के अधिकार
(Rights of the Child)

draught

F. स्वच्छ वातावरण का अधिकार
(Right to a healthy environment)

G. सुभेद्य जनसंख्या
(Vulnerable Populations)

जलवायु परिवर्तन से संबंधित मानवाधिकार प्रतिबद्धताएँ

(Human Rights Obligations relating to Climate Change)

Death-of-Environmental

अन्य समस्याएँ:

आगे की राह:

जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना

(Addressing Society’s Addiction to Fossil Fuels):

जीवाश्म ईंधन के लिये समाज की आसक्ति को दूर करने के लिये सभी राष्ट्रों को निम्नलिखित उपाय करने चाहिये:

अन्य न्यूनीकरण कार्यवाहियों को त्वरित करना

(Accelerating other Mitigation Actions):

सुभेद्य लोगों की सुरक्षा के लिये अनुकूलन

(Adaptation to Protect Vulnerable People):

जलवायु वित्त को बढ़ावा देना

(Ramping up Climate Finance):

क्षति एवं नुकसान का वित्तपोषण

(Financing Loss and Damage):

संयुक्त राष्ट्र संस्थानों को सशक्त बनाना

(Empowering United Nations institutions):

निष्कर्ष

एक सुरक्षित जलवायु स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार का एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है और मानव जीवन और कल्याण के लिये नितांत आवश्यक है। आज के वैश्विक जलवायु आपातकाल में, मानवाधिकारों के सम्मान, सुरक्षा और पूर्ति संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने से उन विनाशकारी परिवर्तनों को दूर करने में सहायता मिल सकती है जिनकी तत्काल आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन की कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक संबोधित करने के लिये मज़बूत कदम उठाने की आवश्यकता है। विश्व में कई ज़मीनी स्तर के जलवायु संबंधित संस्थान हैं लेकिन इस चुनौती पर आवाज़ उठाने के लिये अधिक राजनीतिक एवं कॉर्पोरेट नेताओं की आवश्यकता है। स्वीडिश लेखिका ग्रेटा थुनबर्ग जिन्होंने लाखों बच्चों को जलवायु कार्रवाई हेतु स्कूल में विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिये प्रेरित किया और कहा कि- “मैं चाहती हूँ कि आप इस प्रकार कार्य करें जैसे कि आग हमारे घर में लग गई हो या लगने वाली है।"