तमिलनाडु ने भारत की पहली डीप टेक स्टार्टअप पॉलिसी लॉन्च की | 06 Feb 2026

चर्चा में क्यों?

तमिलनाडु ने चेन्नई में आयोजित UmagineTN 2026 प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में भारत की पहली समर्पित डीप टेक स्टार्टअप नीति का अनावरण किया।

मुख्य बिंदु:

  • नीति लॉन्च: डीप टेक स्टार्टअप नीति 2025–26 की शुरुआत तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने चेन्नई में आयोजित UmagineTN 2026 शिखर सम्मेलन में किया।
    • तमिलनाडु ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने डीप टेक स्टार्टअप के लिये समर्पित नीति प्रस्तुत की है।
  • कार्यान्वयन: इस नीति के समन्वय और क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की नोडल एजेंसी, तमिलनाडु टेक्नोलॉजी (iTNT) हब को सौंपी गई है।
  • निवेश एवं स्टार्टअप समर्थन: यह नीति 100 डीप टेक स्टार्टअप को सहायता प्रदान करने तथा आगामी पाँच वर्षों में सार्वजनिक व निजी निवेश से ₹100 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है, ताकि अनुसंधान और बाज़ार में उपयोग के बीच अंतर को कम किया जा सके।
    • इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, जैव-प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष तकनीक एवं स्वच्छ ऊर्जा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर विशेष ज़ोर दिया गया है, जिनमें उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और दीर्घकालिक विकास-अवधि शामिल होती है।
  • इकोसिस्टम विकास: इसका उद्देश्य शैक्षणिक और शोध संस्थानों से स्टार्टअप तक तकनीक हस्तांतरण को सुगम बनाना, पेटेंट निर्माण को प्रोत्साहित करना तथा नवाचार के लिये अवसंरचना एवं पूंजी समर्थन को मज़बूत करना है।
  • सरकारी सहयोग: इस नीति में 'प्रथम उपयोगकर्त्ता के रूप में सरकार' (गवर्नमेंट एज अर्ली एडॉप्टर) जैसे कार्यक्रम के प्रावधान शामिल हैं, जिसके तहत चयनित सरकारी विभागों में डीप टेक समाधानों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा, ताकि स्टार्टअप अपनी तकनीकों को प्रमाणित कर सकें।

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