केरल में स्त्री सुरक्षा योजना | 16 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
केरल सरकार ने राज्य में बेरोज़गार महिलाओं और ट्रांसजेंडर महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिये स्त्री सुरक्षा योजना शुरू की है।
मुख्य बिंदु:
- योजना: स्त्री सुरक्षा योजना एक राज्य स्तरीय सामाजिक सुरक्षा पहल है जिसे आर्थिक रूप से कमज़ोर, बेरोज़गार महिलाओं और ट्रांसजेंडर महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- पात्र लाभार्थियों को राज्य की सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रणाली के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रति माह 1,000 रुपये की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।
- लक्षित समूह: यह योजना मुख्य रूप से उन गृहिणियों और बेरोज़गार महिलाओं को लाभ पहुँचाती है जो किसी भी मौजूदा सामाजिक कल्याण पेंशन योजना के अंतर्गत नहीं आती हैं।
- पात्रता:
- केरल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य।
- आयु 35–60 वर्ष।
- बेरोज़गार हों।
- अंत्योदय अन्न योजना (पीला कार्ड) या प्राथमिकता वाले परिवार (गुलाबी कार्ड) राशन कार्ड श्रेणी से संबंधित हों।
- अन्य कल्याणकारी पेंशन योजनाओं का लाभार्थी नहीं हों।
- आवेदन प्रक्रिया: स्थानीय स्वशासन संस्थानों (पंचायत, नगरपालिका, निगम) के माध्यम से आवेदन जमा किये जाते हैं और स्थानीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है।
- हस्तांतरण की विधि: प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता वितरित की जाती है, ताकि पारदर्शिता और समय पर वितरण सुनिश्चित हो सके।
- यह योजना केरल सरकार द्वारा अपनी सामाजिक सुरक्षा और लैंगिक कल्याण पहलों के हिस्से के रूप में वित्त पोषित है।
- ट्रांसजेंडरों का समावेश: उनका समावेश सामाजिक न्याय और समावेशी कल्याणकारी नीतियों के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।
- सत्यापन और नियंत्रण: लाभार्थियों की सूचियों का स्थानीय निकाय स्तर पर सत्यापन किया जाता है ताकि दोहराव रोका जा सके और केवल पात्र आवेदकों को ही लाभ मिले।
- महत्त्व: यह योजना केरल के सामाजिक सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करती है, महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देती है और लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए विकास में योगदान देती है।
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