शिक्षा मंत्रालय ने IIT कानपुर के सहयोग से SATHEE पोर्टल लॉन्च किया | 17 Mar 2026

चर्चा में क्यों?

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए, शिक्षा मंत्रालय ने IIT कानपुर के सहयोग से SATHEE (Self-Assessment, Test and Help for Entrance Exams) प्लेटफॉर्म को पूर्ण रूप से संचालित कर दिया है।

मुख्य बिंदु:

  • सार्वभौमिक पहुँच: SATHEE एक पूर्णतः निशुल्क डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य उन विद्यार्थियों के लिये अवसर उपलब्ध कराना है जो महॅंगे निजी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते।
  • समग्र कवरेज: प्रारंभ में इसे JEE (इंजीनियरिंग) और NEET (चिकित्सा) परीक्षाओं की तैयारी के लिये शुरू किया गया था, किंतु अब इसमें CUET, SSC, IBPS, ICAR, CLAT तथा RRB जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी शामिल कर ली गई है।
  • शैक्षणिक उत्कृष्टता: शैक्षिक सामग्री को IIT, IISc और एम्स सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षकों द्वारा तैयार किया गया है
  • बहुभाषी सहायता: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप सामग्री अंग्रेज़ी, हिंदी तथा 12 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषायी समावेशन सुनिश्चित होता है।
  • तकनीकी नवाचार: SATHEE पोर्टल उन्नत तकनीकों का उपयोग कर शिक्षण अनुभव को अधिक प्रभावी बनाता है:
    • AI आधारित विश्लेषण: यह प्लेटफॉर्म कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके विद्यार्थियों के कमज़ोर और सशक्त विषय-वस्तुओं की पहचान कर लक्षित वीडियो व्याख्यान और अभ्यास प्रश्न सुझाता है।
    • इंटरैक्टिव लर्निंग: इसमें ‘मेरे साथ हल करें’ सत्र, लाइव डाउट क्लियरिंग (सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध) और IIT और AIIMS के पूर्व छात्रों द्वारा प्रेरक मार्गदर्शन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
    • क्रैश कोर्स: यह प्लेटफॉर्म नियमित रूप से गहन तैयारी मॉड्यूल लॉन्च करता है, जैसे कि JEE Main 2026 के अभ्यर्थियों के लिये 40-दिवसीय ऑनलाइन क्रैश कोर्स।
  • शैक्षिक समानता: निशुल्क, उच्च गुणवत्ता वाले संसाधन उपलब्ध कराकर, SATHEE आर्थिक और सामाजिक रूप से कमज़ोर वर्गों, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष सहायता प्रदान करता है।
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI): यह पहल सामाजिक कल्याण हेतु बड़े पैमाने पर उपयोगी डिजिटल परिसंपत्तियाँ विकसित करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित करती है तथा सतत विकास लक्ष्य 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) की प्राप्ति में योगदान देती है।

और पढ़ें:  राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020