MoEFCC ने लॉन्च किया संस्थागत समन्वय हेतु 'NIRANTAR' प्लेटफॉर्म | 14 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री (MoEFCC) ने जनवरी 2026 में NIRANTAR प्लेटफॉर्म को क्रियान्वित करने के लिये एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्य बिंदु:
- NIRANTAR डैशबोर्ड: यह एक डिजिटल एकीकृत डैशबोर्ड है, जिसे MoEFCC के तहत आने वाले संस्थानों जैसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB/SPCBs), भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) के बीच समन्वय मज़बूत करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: यह प्लेटफॉर्म पर्यावरण मंज़ूरी, वनाग्नि अलर्ट और वन्यजीव तस्करी डेटा को रीयल-टाइम में ट्रैक करने में सक्षम बनाता है।
- डेटा इंटीग्रेशन: इसका उद्देश्य ‘सिलो-आधारित’ कार्यप्रणाली को समाप्त करना है, जिससे विभिन्न अनुसंधान संस्थानों के जलवायु डेटा को एक ही विंडो के तहत नीति निर्माण के लिये उपलब्ध कराया जा सके।
- MoEFCC: यह केंद्र सरकार में पर्यावरण और वनों की नीतियों की निगरानी करने वाली प्रमुख एजेंसी है।
- डिजिटल इंडिया और पर्यावरण: NIRANTAR, PARIVESH जैसी पूर्व पहलों पर आधारित है, लेकिन यह एजेंसियों के बीच समन्वय को सुनिश्चित करने के लिये व्यापक रूपरेखा प्रदान करता है।
- सतत विकास: यह मंच डेटा-आधारित संरक्षण सुनिश्चित करके SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) और SDG 15 (भूमि पर जीवन) को प्राप्त करने का एक साधन है।