मेघालय ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सुधार-आधारित MoU पर हस्ताक्षर किये | 01 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
मेघालय ने जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत केंद्र सरकार के साथ सुधार से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं, जिससे वह मिशन के सुधार-आधारित कार्यान्वयन ढाँचे में सम्मिलित होने वाला 12वाँ राज्य बन गया है।
मुख्य बिंदु
- 12वाँ राज्य: मेघालय, जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के अंतर्गत सुधार संबंधी MoU पर हस्ताक्षर करने वाला 12वाँ राज्य बन गया है।
- JJM 2.0 की मंज़ूरी: मिशन के दूसरे चरण को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 मार्च, 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई।
- समझौता ज्ञापन: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल तथा राज्य मंत्री वी. सोमन्ना की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किये गए, जबकि मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
- यह ढाँचा ग्राम पंचायतों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को ग्राम स्तर की जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रबंधन का अधिकार प्रदान कर विकेंद्रीकृत शासन को प्रोत्साहित करता है।
- ज़िला जल स्वच्छता मिशन (DWSM) ग्राम स्तर की कार्य योजनाएँ तैयार करेंगे तथा जल आपूर्ति परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करेंगे।
- मुख्य तथ्य: MoU में विश्वसनीय एवं सतत ग्रामीण पेयजल सेवाओं पर ज़ोर दिया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा एवं गुणवत्ता का जल उपलब्ध कराया जा सके।
- कवरेज: राज्य ने इस मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 83% नल के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है तथा इसका लक्ष्य 100% घरों तक नल कनेक्शन पहुँचाना है।
- राष्ट्रीय लक्ष्य: इस मिशन का उद्देश्य दिसंबर 2028 तक सभी ग्रामीण क्षेत्रों में नल के पानी की आपूर्ति ('हर घर जल') सुनिश्चित करना है, जिसके कार्यान्वयन हेतु अतिरिक्त ₹1.51 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
- जल जीवन मिशन: जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में प्रारंभ किये गए इस मिशन का उद्देश्य भारत के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पाइप के माध्यम से सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
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