भारतीय टीचर रूबल नागी ने प्रतिष्ठित ग्लोबल टीचर प्राइज़ 2026 जीता | 09 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय शिक्षिका रूबल नागी को ग्लोबल टीचर प्राइज़ 2026 से सम्मानित किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- पुरस्कार: रूबल नागी ने ग्लोबल टीचर प्राइज़ 2026 जीता, जिसके तहत उन्हें 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि प्रदान की गई। यह पुरस्कार दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान प्रदान किया गया।
- आयोजक: यह पुरस्कार GEMS एजुकेशन द्वारा प्रस्तुत किया जाता है और UNESCO के सहयोग से वार्की फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाता है।
- कार्य और योगदान: रूबल नागी को पूरे भारत के वंचित समुदायों के बच्चों तक कला-आधारित शिक्षा पहुँचाने के उनके अभिनव प्रयासों के लिये सम्मानित किया गया।
- रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने 100 से अधिक निम्न-आय वाले समुदायों और गाँवों में 800 से अधिक शिक्षण केंद्र स्थापित किये हैं।
- ये केंद्र उन बच्चों को संरचित शिक्षण अवसर प्रदान करते हैं जिन्हें औपचारिक शिक्षा तक सीमित या कोई पहुँच नहीं थी।
- कला के माध्यम से शिक्षा: उनके कार्य का एक प्रमुख पहलू उपेक्षित दीवारों को इंटरएक्टिव शैक्षिक भित्ति-चित्रों में बदलना है, जिन्हें ‘लिविंग वॉल्स ऑफ लर्निंग’ कहा जाता है। इनसे बच्चों को साक्षरता, संख्या ज्ञान, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय जागरूकता और अन्य विषय उनके आसपास के वातावरण में ही सिखाए जाते हैं।
- इस पद्धति से एक मिलियन से अधिक बच्चों को शैक्षिक कार्यक्रमों से जोड़ा गया है और विद्यालय छोड़ने की दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
- चयन और वैश्विक मान्यता: रूबल नागी का चयन 139 देशों से प्राप्त 5,000 से अधिक नामांकनों और आवेदनों में से किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्य के वैश्विक महत्त्व तथा प्रभाव को दर्शाता है।
- पुरस्कार राशि का उपयोग: वह इस धनराशि से एक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की योजना रखती हैं, जहाँ पेशेवर कौशल और डिजिटल साक्षरता का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वंचित बच्चों एवं युवाओं के लिये अवसरों का विस्तार किया जा सके।
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