भारत-थाईलैंड संयुक्त इन-सिटू एयर एक्सरसाइज़ | 16 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय वायु सेना और रॉयल थाई वायु सेना दोनों के बीच परिचालन समन्वय और अंतरसंचालनीयता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक संयुक्त इन-सिटू एयर एक्सरसाइज़ आयोजित की जा रही हैं।
मुख्य बिंदु:
- अभ्यास: इन-सिटू एयर एक्सरसाइज़ से तात्पर्य वास्तविक उड़ान और युद्ध-संबंधी परिस्थितियों में आयोजित संयुक्त प्रशिक्षण अभियान से है।
- यह एक्सरसाइज़ बलों को पृथक सिमुलेशन के स्थान पर परिचालन परिवेश के निकट एकीकृत रूप से कार्य करने का अवसर प्रदान करती है।
- प्रमुख विमान और प्लेटफॉर्म: भारत ने अपनी कई अग्रिम पंक्ति के विमान और प्लेटफॉर्म को तैनात किया है, जिनमें Su-30MKI लड़ाकू विमान, एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS), एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) प्लेटफॉर्म तथा IL-78 मध्य-वायु ईंधन भरने वाले विमान सम्मिलित हैं।
- थाई वायु सेना अपने ग्रिपेन मल्टीरोल लड़ाकू विमान के साथ भाग ले रही है, जिससे संयुक्त उड़ान संचालन और सामरिक समन्वय को बढ़ावा मिल रहा है।
- उद्देश्य: इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य दोनों वायु सेनाओं के बीच हवाई अभियानों में परिचालन समन्वय, अंतरसंचालनीयता और पारस्परिक समझ को सुदृढ़ करना है।
- रणनीतिक महत्त्व: यह अभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और थाईलैंड की एक्ट वेस्ट पॉलिसी के व्यापक ढाँचे के भीतर भारत और थाईलैंड के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को उजागर करता है।
- लाभ: एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और एरियल रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म जैसे फोर्स मल्टीप्लायरों की भागीदारी निगरानी, कमांड और कंट्रोल तथा विस्तारित मिशन सहनशक्ति क्षमताओं के उन्नत एकीकरण को प्रदर्शित करती है।
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