गुजरात में स्थापित भारत की पहली निजी उपग्रह निर्माण सुविधा | 27 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
भारत ने अंतरिक्ष निर्माण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है, जब गुजरात के साणंद में देश के पहले निजी उपग्रह और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड निर्माण संयंत्र की आधारशिला रखी गई।
मुख्य बिंदु:
- फैसिलिटी: पाल्मनारो इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड फैसिलिटी, अज़िस्टा स्पेस सिस्टम्स द्वारा स्थापित भारत का पहला एकीकृत निजी उपग्रह और पेलोड निर्माण संयंत्र।
- स्थान: यह विनिर्माण इकाई गुजरात के साणंद स्थित खोराज औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है।
- MoU: इस परियोजना में गुजरात सरकार के साथ ₹500 करोड़ से अधिक के MoU शामिल हैं, जो मज़बूत सार्वजनिक–निजी भागीदारी को दर्शाते हैं।
- रणनीतिक क्षेत्र में प्रवेश: यह उन्नत उपग्रह निर्माण के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की प्रविष्टि को चिह्नित करता है, जिस पर पहले ISRO और सार्वजनिक उपक्रमों का वर्चस्व था।
- वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता: यह सुविधा पृथ्वी अवलोकन और रक्षा अनुप्रयोगों सहित वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रह बाज़ार में भारत की प्रतिस्पर्द्धा को सशक्त बनाएगी।
- यह सुविधा उन्नत पेलोड का उत्पादन करेगी जो नागरिक क्षेत्रों (जैसे कृषि, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन) के लिये भी उपयोगी होंगे।
- उद्देश्य: इस संयंत्र का लक्ष्य इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड का स्वदेशीकरण करना, आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू अंतरिक्ष आपूर्ति शृंखलाओं को मज़बूत करना है।
- अंतरिक्ष निर्माण क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देता है और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को समर्थन देता है।
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