जबलपुर में पहला UN स्मॉल आर्म्स कंट्रोल प्रशिक्षण कार्यक्रम | 23 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारत ने एशिया–प्रशांत क्षेत्र के लिये स्मॉल आर्म्स एंड लाइट वेपन्स (SALW) के नियंत्रण पर पहला संयुक्त राष्ट्र फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित किया।
मुख्य बिंदु:
- UN SALW प्रशिक्षण: एशिया में पहली बार भारत ने अवैध हथियारों के प्रसार के विरुद्ध क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्मॉल आर्म्स एंड लाइट वेपन्स (SALW) के नियंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम की मेज़बानी की है।
- स्थल: यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ मटेरियल्स मैनेजमेंट (MCMM) में भारतीय सेना द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
- आयोजक: इस प्रशिक्षण का आयोजन संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण कार्य कार्यालय (UNODA) द्वारा एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिये शांति एवं निरस्त्रीकरण के क्षेत्रीय केंद्र (UNRCPD) के माध्यम से किया जा रहा है। यह भारत के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित है।
- एशिया–प्रशांत क्षेत्र के 13 देशों के प्रतिनिधि इसमें भाग ले रहे हैं, जिससे यह निरस्त्रीकरण और हथियार नियंत्रण के क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग का एक महत्त्वपूर्ण मंच बन गया है।
- क्षमता निर्माण: यह प्रशिक्षण दो प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय साधनों के कार्यान्वयन पर केंद्रित है:
- संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम कार्ययोजना (UN Programme of Action – PoA): स्मॉल आर्म्स एंड लाइट वेपन्स के अवैध व्यापार को सभी रूपों में रोकने, उससे निपटने तथा उसे समाप्त करने हेतु वैश्विक प्रतिबद्धता।
- अंतर्राष्ट्रीय ट्रेसिंग उपकरण (International Tracing Instrument – ITI): अवैध SALW की समयबद्ध और विश्वसनीय पहचान एवं अनुरेखण हेतु एक मानक व्यवस्था।
- स्मॉल आर्म्स एंड लाइट वेपन्स (SALW) का प्रसार संघर्ष, आतंकवाद और संगठित अपराध का एक प्रमुख कारण है।
- भारत की वैश्विक भूमिका: यह पहल वैश्विक सुरक्षा शासन में एक ज़िम्मेदार भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है तथा हथियार नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण प्रबंधन और निरस्त्रीकरण प्रशिक्षण में उसकी विशेषज्ञता को प्रदर्शित करती है।
- इस प्रकार भारत ने क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने और वैश्विक शांति तथा उत्तरदायी हथियार प्रबंधन व्यवस्था में अपने योगदान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है।
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