राजस्थान में भारतीय ऊन क्षेत्र पर चिंतन शिविर | 17 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड (CWDB), वस्त्र मंत्रालय ने जनवरी 2026 में राजस्थान के अविकानगर में भारतीय ऊन क्षेत्र पर चिंतन शिविर का आयोजन किया।
मुख्य बिंदु:
- कार्यक्रम का नाम: भारतीय ऊन क्षेत्र की चुनौतियों, अवसरों और भविष्य की संभावनाओं पर 'चिंतन शिविर', जो ICAR-केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI), अविकानगर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य भारत की आयातित उत्तम श्रेणी की ऊन पर भारी निर्भरता को कम करना था, जिसके तहत:
- ऊन मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करना
- स्थायी भेड़ पालन और ऊन उत्पादन को बढ़ावा देना
- ऊन और तकनीकी वस्त्रों में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना
- भारतीय ऊन के विपणन, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा देना
- ऊन प्रसंस्करण के लिये साझा सुविधा केंद्र (CFCs) का विस्तार करना
- मुख्य सिफारिशें:
- ऊन ब्रांडिंग और गुणवत्ता के लिये उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना
- ऊन प्रसंस्करण में अवसंरचना और तकनीक को सुधारना
- किसानों, MSME और उद्योग के बीच संबंध मज़बूत करना
- मूल्य संवर्द्धन और निर्यात प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा देना
- प्रदर्शनी: भेड़ की नस्लों, ऊन परिधान, तकनीकी वस्त्र, नवाचार और स्टार्ट-अप योगदान सहित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
- महत्त्व: यह ग्रामीण आजीविका को सहारा देता है, भारत के ऊन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाता है और मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत पहल के साथ संरेखित है।
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