छत्तीसगढ़ ने बस्तर विकास हेतु तीन वर्षीय कार्ययोजना को आगे बढ़ाया | 15 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
छत्तीसगढ़ ने बस्तर क्षेत्र के विकास के लिये तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाई है, जिसका उद्देश्य अवसंरचना, आजीविका और सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ करना तथा माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
मुख्य बिंदु:
- केंद्रित क्षेत्र: योजना में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, रोज़गार, सड़क, पेयजल, विद्युत और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं का तेज़ी से विस्तार करने पर ज़ोर दिया गया है, ताकि यह सबसे दूरदराज़ बस्तियों तक पहुँच सके।
- सार्वजनिक सहभागिता: बस्तर ओलंपिक्स और बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय समुदायों की मज़बूत भागीदारी यह दर्शाती है कि वे हिंसा के बजाय शांति एवं विकास का समर्थन करते हैं।
- पर्यटन विकास: होमस्टे का प्रचार, स्वदेश दर्शन योजना के तहत स्थलों का विकास और बस्तर टूरिज़्म कॉरिडोर का निर्माण स्थानीय युवाओं के लिये आजीविका बढ़ाने के प्रयास हैं।
- वन धन केंद्र: लघु वनोत्पादों के बेहतर संग्रह और प्रसंस्करण के लिये।
- जनजातीय समुदायों को बाज़ार के अवसरों से जोड़ना।
- शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना: नवोदय और पीएम श्री स्कूलों का विस्तार करना।
- आँगनवाड़ी और रोज़गार पहल: PM‑ABHIM, बाइक एम्बुलेंस सेवा, ग्रामीण बस योजना और अन्य रोज़गार एवं आजीविका संबंधित योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी ज़ोर दिया गया।
|
और पढ़ें: बस्तर ओलंपिक्स, बस्तर टूरिज़्म कॉरिडोर, स्वदेश दर्शन योजना, लघु वनोत्पाद, पीएम श्री स्कूल, PM‑ABHIM। |