नेशनल क्वांटम मिशन के तहत अमरावती क्वांटम वैली लॉन्च की गई | 12 Feb 2026

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भारत के महत्त्वाकांक्षी नेशनल क्वांटम मिशन के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के अमरावती में अमरावती क्वांटम सेंटर की आधारशिला रखी।

मुख्य बिंदु:

  • नेशनल क्वांटम मिशन: भारत के नेशनल क्वांटम मिशन के लिये लगभग ₹6,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है और यह 17 राज्यों तथा 2 केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 43 संस्थानों को सम्मिलित करता है।
    • इसे चार प्रमुख क्षेत्रों के अंतर्गत संगठित किया गया है: क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी और क्वांटम सामग्री व उपकरण।
  • नोडल मंत्रालय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय।
  • विज़न: विभिन्न प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म (सुपरकंडक्टिंग और फोटोनिक) का उपयोग करते हुए 50-1,000 भौतिक क्यूबिट की श्रेणी में मध्यम-स्तरीय क्वांटम कंप्यूटरों का विकास।
    • उद्देश्य: उपग्रह-आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार और भू-आधारित क्वांटम नेटवर्क की स्थापना करना।
    • अनुप्रयोग: रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्रों में उच्च-सटीकता समय-निर्धारण, नेविगेशन, इमेजिंग और डिटेक्शन करना।
  • अमरावती क्वांटम वैली: इसे एक समर्पित क्वांटम नवाचार क्लस्टर के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसमें अनुसंधान संस्थान, उद्योग, स्टार्टअप और प्रतिभा विकास पारितंत्र का एकीकरण किया जाएगा।
    • क्वांटम क्लाउड एक्सेस और नवाचार केंद्रों के लिये IBM तथा भारतीय IT कंपनी TCS जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ सहयोग करना।
  • रणनीतिक महत्त्व: क्वांटम प्रौद्योगिकी को वैश्विक स्तर पर क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (CET) माना जाता है, जिसका राष्ट्रीय सुरक्षा और एन्क्रिप्शन प्रणालियों पर गहरा प्रभाव है।

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