नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिला | 07 Mar 2026

चर्चा में क्यों?

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) को आधिकारिक रूप से एयरोड्रोम लाइसेंस प्रदान कर दिया है।

मुख्य बिंदु:

  • स्थान: जेवर, गौतम बुद्ध नगर ज़िला, उत्तर प्रदेश।
  • विकासकर्त्ता/संचालक: यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यह ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी है)।
  • एयरोड्रोम लाइसेंस की स्वीकृति: यह लाइसेंस प्रमाणित करता है कि हवाई अड्डा अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों तथा DGCA द्वारा निर्धारित सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के अनुरूप पूर्णतः सक्षम है।
    • संचालनात्मक तैयारी: यह स्वीकृति कैलिब्रेशन उड़ानों के सफल समापन, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) के सत्यापन तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यासों के बाद प्रदान की गई है।
  • अवसंरचना और अर्थव्यवस्था: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का एक प्रमुख घटक है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश (विशेषकर जेवर–ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र) की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने तथा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
  • शहरी नियोजन: यह हवाई अड्डा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र का प्रमुख आधार है, जो प्रस्तावित फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और अपैरल पार्क के विकास को गति देगा।
  • संघवाद और PPP मॉडल: यह परियोजना विदेशी निवेशक (ज्यूरिख एयरपोर्ट) और राज्य तथा केंद्र सरकार की एजेंसियों के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के सफल उदाहरणों में से एक है।
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