बिजनौर से दूसरा व्यापक क्षेत्र डॉल्फिन आकलन शुरू किया | 19 Jan 2026

चर्चा में क्यों?

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नदी और मुहाना-क्षेत्र डॉल्फिन के दूसरे व्यापक क्षेत्र आकलन की शुरुआत की है, जिसे उत्तर प्रदेश के बिजनौर से प्रस्थान कराया गया।

मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य: नदी और मुहाना-क्षेत्र डॉल्फिन की संख्या, वितरण, आवास की स्थिति और खतरों से संबंधित अद्यतन वैज्ञानिक डेटा तैयार करना, ताकि प्रमाण-आधारित संरक्षण योजना बनाई जा सके।
  • प्रोजेक्ट डॉल्फिन पहल: यह सर्वेक्षण प्रोजेक्ट डॉल्फिन (2020 में शुरू) के तहत किया जा रहा है।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: इस आकलन का समन्वय भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून द्वारा राज्य वन विभागों के सहयोग से किया जा रहा है।
  • भौगोलिक कवरेज: चरण-I में बिजनौर से गंगा सागर तक गंगा के मुख्य प्रवाह और सिंधु नदी को शामिल किया गया है।
    • चरण-II में ब्रह्मपुत्र, गंगा की सहायक नदियाँ, सुंदरबन डेल्टा और ओडिशा तट शामिल हैं।
  • शामिल प्रजातियाँ: सर्वेक्षण में गंगा नदी डॉल्फिन, सिंधु नदी डॉल्फिन और इरावदी डॉल्फिन को शामिल किया गया है।
  • पूर्वानुमानित डेटा: पहले राष्ट्रीय स्तर के डॉल्फिन आकलन (2021–23) में कुल 6,327 नदी डॉल्फिन दर्ज की गई थीं, जिनमें उत्तर प्रदेश और बिहार ने सबसे अधिक आबादी की रिपोर्ट की थी।
  • संरक्षण महत्त्व: यह आकलन नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता प्रतिबद्धताओं के अनुरूप सतत नदी प्रबंधन नीतियों को समर्थन प्रदान करेगा।

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