आयुष्मान भारत- स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र

प्रिलिम्स के लिये:

आयुष्मान भारत योजना, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र , झंगला (Jhangla),  ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म 

मेन्स के लिये:

स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र का महत्त्व 

चर्चा में क्यों?

‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत 50,000 से अधिक 'स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों' (Health and Wellness Centres- HWCs ) द्वारा अपनी सेवाएँ शुरू कर दी गई हैं। 

प्रमुख बिंदु:

  • आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसे 'सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज' के उद्देश्य की प्राप्ति हेतु ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति’- 2017 के तहत की गई अनुशंसा के आधार पर वर्ष 2018 में  पर लॉन्च किया गया था। प्रथम, आयुष्मान भारत- स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र को छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले में झंगला (Jhangla) नामक स्थान पर लॉन्च किया गया था।
  • योजना के तहत दो अंतर-संबंधित घटकों से युक्त देखभाल के दृष्टिकोण को अपनाया गया है, जो हैं- 
    • स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (HWCs)। 
    • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)।

स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (HWCs):

HWC की टीम:

  • HWC टीम में एक प्रशिक्षित ‘सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी’ (Community Health Officer- CHO), एक या दो स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता और 5 से 8 आशा कार्यकर्त्ता शामिल होते हैं।
  • इस टीम के कार्यों को अच्छी तरह से परिभाषित किया गया है, जो स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक समुदाय की पहुँच सुनिश्चित करने के लिये सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान करते हैं।

उद्देश्य एवं कार्य:

  • HWCs मुख्यत: लोगों को 'व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल' (Comprehensive Primary Health Care- CPHC) सेवाएँ प्रदान करने का कार्य करते हैं।
  • इसके अलावा ये प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल स्वास्थ्य, किशोर और पोषण (Reproductive, Maternal, Newborn, Child Health, Adolescent+ Nutrition: RMNCHA+N) से जुड़ी सेवाएँ प्रदान करने के साथ ही संचारी रोगों के नियंत्रण संबंधी प्रयास भी करते हैं।  
  • वे विशेष रूप से क्रोनिक और गैर-संचारी रोगों के नियंत्रण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके लिये सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से लोगों में स्वास्थ्य, जीवनशैली, उचित पोषण और योग जैसी शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता पैदा करने का कार्य करते हैं।

HWCs की स्थापना में प्रगति:

  • आयुष्मान भारत योजना के तहत वर्तमान में 50,000 से अधिक HWCs की स्थापना के साथ योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य का ⅓  हिस्सा प्राप्त कर लिया गया है। 
    • योजना के तहत दिसंबर 2022 तक 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों’ की स्थापना की जानी है।
  • इन HWCs में 27,890 उप स्वास्थ्य केंद्र (Sub Health Centres), 18,536 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  (Primary Health Centres- PHCs) और 3,599 नगरीय 'प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल' हैं।
  • इन स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े 30 लाख से अधिक सत्र आयोजित किये गए जिनमें योग, सामुदायिक वॉक, ध्यान आदि गतिविधियाँ शामिल हैं।
  • HWCs स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘ई-संजीवनी’ (eSanjeevani) प्लेटफॉर्म के कार्यान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाता है। 
    • ई-संजीवनी डॉक्टर-टू-डॉक्टर टेली-परामर्श सुविधा है। गौरतलब है कि इसके तहत वर्ष 2022 तक ‘हब एंड स्पोक’ (Hub and Spoke) मॉडल का उपयोग करते हुए देश भर के सभी 1.5 लाख स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में टेली-परामर्श प्रदान करने की योजना बनाई गई है।
  • 23,103 HWCs ने वर्तमान में नागरिकों को टेली-परामर्श दूर सेवाएँ प्रदान करना शुरू कर दिया है।

आयुष मंत्रालय में वित्तीय प्रबंधन और शासन सुधार:

  • आयुष मंत्रालय द्वारा वित्तीय प्रबंधन और शासन सुधार की दिशा में अनेक पहलें प्रारंभ की गई हैं। 
  • इन पहलों में दो प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं, अर्थात् सरकारी योजनाएँ (केंद्रीय क्षेत्र और केंद्र प्रायोजित दोनों) और मंत्रालय के स्वायत्त निकाय।
  • 'राष्ट्रीय आयुष मिशन' (National Ayush Mission- NAM) के लिये 'राष्ट्रीय वित्तीय लेखा प्रबंधन प्रणाली' (National Financial Accounting Management System) की तर्ज पर एक पोर्टल विकसित किया जा रहा है।
  • धन के प्रवाह की वास्तविक समय में निगरानी के लिये एक डैशबोर्ड विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है।
  • इन पहलों का उद्देश्य मंत्रालय के तहत आने वाले स्वायत्त निकायों और योजनाओं के क्रियान्वयन में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली तथा लेखा प्रबंधन प्रणाली का आधुनिकीकरण करना है।

निष्कर्ष:

‘आयुष्मान भारत’ योजना सहकारी संघवाद का एक बेहतर नमूना है। स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना तथा शासन प्रणाली में सुधार की दिशा में केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा की गई प्रगति ‘सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज' को प्राप्त करने के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण है। 

स्रोत: पीआईबी