संसद टीवी संवाद

सभी संस्थानों में NEET के माध्यम से प्रवेश | 09 May 2020 | शासन व्यवस्था

संदर्भ:

हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने ‘क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर बनाम भारत संघ' शीर्षक वाली रिट याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई करते हुए अपने फैसले में कहा है कि सभी संस्थानों में एमबीबीएस (MBBS), एमडी (MD) या डेंटल कोर्स के लिये ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा’ (National Eligibility Cum Entrance Test- NEET) के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मेडिकल और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET की एक समान परीक्षा निर्धारित करने से अनुच्छेद-19 (1)(g) के साथ 30 संविधान के 25, 26 और 29 (1) के तहत गैर सहायता प्राप्त/सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता। 

पृष्ठभूमि:

न्यायालय का आदेश: 

संस्थानों की आपत्ति:

भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियाँ: 

NEET की आवश्यकता क्यों?  

NEET के तहत प्रवेश प्रणाली को एकीकृत करने के लाभ:

पारदर्शिता:

मानकीकरण: 

व्यवसायीकरण पर नियंत्रण: 

आगे की राह:

अभ्यास प्रश्न:  ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा’ (National Eligibility Cum Entrance Test- NEET) केंद्र सरकार द्वारा निजी संस्थानों की स्वायत्तता और राज्यों के अधिकारों को सीमित करने का एक विकल्प है। आप इस कथन से कहाँ तक सहमत हैं।