महत्त्वपूर्ण संस्थान/संगठन

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन | 28 Oct 2020 | महत्त्वपूर्ण संस्थान

परिचय:

उत्पत्ति और विकास

लक्ष्य

एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP)

IGMDP के तहत विकसित मिसाइलें हैं:

भारत की मिसाइल प्रणाली

मिसाइल 

विशेषताएँ

अग्नि- I

  • सिंगल स्टेज, ठोस ईंधन, मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM)।
  • ठोस प्रणोदन बूस्टर और एक तरल प्रणोदन ऊपरी चरण का उपयोग करना।
  • 700-800 किमी. की मारक दूरी।

अग्नि- II

  • मध्यम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM)।
  • 2000 किमी. से अधिक की मारक दूरी।

अग्नि- III

  • दो चरणों वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM)।
  • वारहेड कॉन्फिगरेशन की एक विस्तृत शृंखला को सपोर्ट करती है।
  • 2,500 किलोमीटर से अधिक की मारक दूरी।

अग्नि- IV 

  • ठोस प्रणोदक द्वारा संचालित दो चरणों वाली मिसाइल।
  • रोड मोबाइल लॉन्चर से फायर कर सकते हैं।
  • 3,500 किमी. से अधिक की मारक दूरी है।
  • यह स्वदेशी रूप से विकसित रिंग लेज़र गायरो और समग्र रॉकेट मोटर से लैस है।

अग्नि- V 

  • तीन चरणों वाली ठोस ईंधन, स्वदेशी अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM)।
  • 1.5 टन परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम।
  • नेविगेशन और मार्गदर्शन, वारहेड और इंजन के संदर्भ में नवीनतम एवं सबसे उन्नत संस्करण।
  • इसके सेना में शामिल होने के बाद भारत भी अमेरिका, रूस, चीन, फ्राँस और ब्रिटेन जैसे देशों के एक विशेष क्लब में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है।
  • 5,000 किमी. से अधिक की मारक दूरी।

त्रिशूल

  • सभी मौसम में सतह-से-आकाश में मार करने में सक्षम कम दूरी, त्वरित प्रतिक्रिया वाली मिसाइल को निम्न स्तर के हमले का मुकाबला करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।

आकाश 

  • एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता के साथ सतह-से-आकाश में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल है।
  • एक से अधिक वारहेड ले जाने में सक्षम है।
  • उच्च-ऊर्जा ठोस प्रणोदक और रैम-रॉकेट प्रणोदक प्रणाली।

नाग

  • यह तीसरी पीढ़ी की ‘दागो और भूल जाओ’ (Fire and Forget), 4-8 किमी. की मारक दूरी की क्षमता के साथ टैंक भेदी मिसाइल है।
  • स्वदेशी रूप से इसे एक एंटी-वेपन के रूप में विकसित किया गया है जो उड़ान मार्गदर्शन के लिये सेंसर फ्यूजन प्रौद्योगिकियों को नियोजित करती है।
  • हेलीना (HELINA) नाग का हवा से सतह पर मार करने वाला संस्करण है जो ध्रुव हेलीकाप्टर के साथ एकीकृत है।

पृथ्वी

  • IGMDP के तहत स्वदेशी तौर पर निर्मित पहली बैलिस्टिक मिसाइल।
  • सतह-से-सतह पर मार करने वाली बैटल फील्ड मिसाइल।
  • 150 किमी. से 300 किमी. तक की मारक दूरी की क्षमता।

ब्रह्मोस

  • सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल।
  • इसे निजी संयुक्त उद्यम के रूप में रूस के साथ विकसित किया गया है।
  • मल्टी-प्लेटफॉर्म क्रूज़ विभिन्न प्रकार के प्लेटफार्मों से आक्रमण कर सकता है।
  • 2.5-2.8 मैक की गति के साथ विश्व की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में से एक है।
  • एक बार लक्ष्य साधने के बाद इसे कंट्रोल केंद्र से मार्गदर्शन की आवश्यकता नही होती है इसलिये इसे ‘दागो और भूल जाओ’ (Fire and Forget) मिसाइल भी कहा जाता है। 

निर्भय

  • सबसोनिक मिसाइल, ब्रह्मोस का पूरक।
  • भूमि, समुद्र और वायु पर कई प्लेटफाॅर्मो से लॉन्च किये जाने में सक्षम।
  • 1,000 किमी. तक की पहुँच है।

सागरिका

  • पनडुब्बी-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM)।
  • भारत की परमाणु ऊर्जा संचालित अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बी के साथ एकीकृत है।
  • 700 किमी. की मारक दूरी।

शौर्य

  • K-15 सागरिका का एक प्रकार है।
  • पनडुब्बी- परमाणु-सक्षम मिसाइल।
  • भारत की दूसरी,आक्रमण क्षमता को बढ़ाने का लक्ष्य।

धनुष

  • सी-बेस्ड, कम दूरी, तरल प्रणोदक बैलिस्टिक मिसाइल।
  • पृथ्वी II का नौसेना संस्करण।
  • अधिकतम 350 किमी. की मारक दूरी।

अस्त्र 

  • ठोस-प्रणोदक का उपयोग करते हुए दृश्य-रेंज से परे हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल।
  • आकार और वज़न के मामले में DRDO द्वारा विकसित सबसे छोटे हथियारों में से एक है।
  • लक्ष्य खोजने के लिये सक्रिय रडार साधक।
  • इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-माप क्षमता।
  • 80 किमी. की रेंज में हेड-ऑन मोड में सुपरसोनिक गति से दुश्मन के विमान को रोकने और नष्ट करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।

प्रहार

  • यह भारत की नवीनतम 150 किमी. की दूरी की मारक क्षमता के साथ सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल है।
  • इसका प्राथमिक उद्देश्य अन-गाइडेड पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर और निर्देशित पृथ्वी मिसाइल वेरिएंट के मध्य की खाई को पाटना है।
  • इसकी उच्च गतिशीलता, त्वरण और सटीकता है।

DRDO के समक्ष मुद्दे

आगे की राह