अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष में हथियार | 10 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
अमेरिका-इज़रायल गुट और ईरान के बीच संघर्ष ने युद्ध के एक नए युग की शुरुआत की है, जिसे आधुनिक सैन्य इतिहास के सबसे तकनीकी रूप से जटिल ड्रोन और मिसाइल युद्ध के रूप में चिह्नित किया गया है।
- अमेरिका-इज़रायल-ईरान संघर्ष में किन प्रमुख हथियारों और रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया?
ईरान का शस्त्रागार:
- शाहेद-136 और शाहेद-131 ड्रोन: निम्न लागत वाले लॉइटरिंग म्युनिशन (जिन्हें अक्सर कामिकेज़ ड्रोन कहा जाता है) हैं, जिन्हें बड़े पैमाने पर ‘स्वर्म टैक्टिस’ में तैनात किया जाता है।
- इन्हें निम्न ऊँचाई पर और धीमी गति से उड़ान भरने के लिये डिज़ाइन किया गया है, ताकि ये प्रलोभन (डिकॉय) के रूप में कार्य कर सकें और दुश्मन की महंगी हवाई रक्षा प्रणालियों को निष्क्रिय और आर्थिक रूप से नष्ट कर सकें।
- शाहब-3 मिसाइल: लगभग 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल। यह मध्य पूर्व में ईरान की लंबी दूरी की प्रतिरोधक क्षमता और आक्रमण क्षमता का आधार है।
- फत्ताह मिसाइल: ईरान का दावा है कि यह अगली पीढ़ी का हाइपरसोनिक हथियार है जो मैक 15 तक की गति प्राप्त करने और 1,400 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है।
- फत्ताह की कथित गतिशीलता को पारंपरिक मिसाइल-रोधी ढालों को भेदने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- खोर्रमशहर मिसाइल: यह एक अत्यंत विनाशकारी बैलिस्टिक मिसाइल है जिसका उपयोग हाल ही में सैन्य प्रतिष्ठानों पर किये गए हमलों में किया गया है।
- बावर-373: यह एक लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है जिसे विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिये डिज़ाइन किया गया है, जो उन्नत सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों के समकक्ष है।
- सेवोम-ए-खोरदाद: यह एक मोबाइल हवाई रक्षा प्रणाली है। इसकी मुख्य विशेषता है कि यह विमानों और क्रूज़ मिसाइलों को निशाना बना सकती है। यह तेज़ी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकती है, जिससे इसकी उत्तरजीविता बढ़ जाती है।
- टोर-M1: यह एक अल्प दूरी की प्रणाली है जिसका उपयोग सटीक निर्देशित गोला-बारूद, ड्रोन और निम्न ऊँचाई पर उड़ने वाली क्रूज़ मिसाइलों को रोकने के लिये किया जाता है।
- मजीद और अज़रख्श: ये ऐसी प्रणालियाँ हैं जो महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु ड्रोन और निम्न ऊँचाई पर उड़ान भरने वाले हवाई खतरों का सामना करने के लिये विशेष रूप से विकसित की गई हैं।
- पावेह क्रूज़ मिसाइल: पावेह एक लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 1,650 किलोमीटर है। इसकी यह क्षमता और उड़ान के दौरान मार्ग बदलने की विशेषता इसे अमेरिकी क्षेत्रीय ठिकानों के लिये एक गंभीर खतरा बनाती है।
- सेज्जिल और इमाद मिसाइलें: सेज्जिल और इमाद मिसाइलें महत्त्वपूर्ण हैं। सेज्जिल एक ठोस ईंधन वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह विशेषता इसे तरल ईंधन वाली शाहब-3 से अलग करती है, क्योंकि यह बहुत तेज़ी से लॉन्च हो सकती है। इस तीव्र लॉन्च क्षमता के कारण अमेरिका/इज़रायल को इसका पता लगाने में कम समय मिलता है।
- इमाद ईरान की पहली सटीक रूप से निर्देशित, लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है जिसमें एक मैन्यूवरेबल री-एंट्री व्हीकल (MaRV) लगा हुआ है।
अमेरिकी शस्त्रागार
- B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर: यह एक अत्याधुनिक, कम-रडार-सिग्नेचर वाला विमान है, जिसे भारी सुरक्षा वाले वायुमंडल में प्रवेश करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- B-2 स्टेल्थ बॉम्बर की बैट जैसी फ्लाइंग विंग डिज़ाइन इसे रडार द्वारा कम पकड़ में आने योग्य बनाती है और शत्रु की हवाई सुरक्षा से बचाती है।
- GBU-57 विशाल आयुध भेदक (MOP) एक 30,000 पाउंड का “बंकर-बस्टर” बम है, जिसे गहरी और मज़बूत संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- B-2 बॉम्बर ही एकमात्र विमान है जो इस हथियार को ले जाने में सक्षम है, जिसका विशेष उपयोग ईरानी परमाणु सुविधाओं (जैसे– फोर्डो और नतांज़) को गहराई में और कड़े सुरक्षा वाले ढाँचे के साथ नष्ट करने के लिये किया जाता है।
- टोमहॉक क्रूज़ मिसाइलें: सबसोनिक, निम्न-ऊँचाई वाली सटीक मिसाइलें, जो आंतरिक (इनलैंड) लक्ष्यों पर हमला करने के लिये लॉन्च की जाती हैं और रडार से बचती हैं।
- टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल उच्च परिशुद्धता के लिये GPS, जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली (INS), TERCOM (भूभाग मानचित्रण) और DSMAC (डिजिटल दृश्य मिलान) का उपयोग करती है।
- लो‑कॉस्ट अनक्रूड कॉम्बैट अटैक सिस्टम (LUCAS) ड्रोन: यह संयुक्त राज्य अमेरिका का नया वन‑वे अटैक ड्रोन है जिसे “लो‑कॉस्ट अनक्रूड कॉम्बैट अटैक सिस्टम” (LUCAS) के नाम से विकसित किया गया है। यह ड्रोन एक तरह का कामिकेज़ (एक‑तरफा हमला करने वाला) ड्रोन है, जिसे विशेष रूप से कम लागत में बड़ी संख्या में इस्तेमाल के लिये बनाया गया है।
- यह ड्रोन रनवे, ज़मीन पर चलने वाले वाहन या जहाज़ों से लॉन्च किया जा सकता है और कम लागत में सटीक हमले करने में सक्षम है।
- प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM): एक शॉर्ट‑रेंज बैलिस्टिक मिसाइल जो हाल ही में युद्ध में पहली बार इस्तेमाल हुई है, इसे अमेरिकी M-142 HIMARS सिस्टम से लॉन्च किया जाता है और यह 400 किमी. तक दूर स्थित लक्ष्यों को मारने में सक्षम है।
- टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD): एक उन्नत अमेरिकी एंटी‑बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम है, जिसे शॉर्ट‑रेंज, मीडियम‑रेंज और सीमित इंटरमीडिएट‑रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों को उनकी उड़ान के अंतिम चरण में रोकने के लिये डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों में काम करती है और एक महत्वपूर्ण उच्च‑ऊँचाई वाली रक्षा परत प्रदान करती है।
- THAAD “हिट‑टू‑किल” काइनेटिक इंटरसेप्शन तकनीक का उपयोग करता है, जिसमें इंटरसेप्टर मिसाइलें अत्यधिक उच्च गति से सीधे टकराकर आने वाले लक्ष्यों को नष्ट कर देती हैं।
- THAAD (थाड) अत्यधिक मोबाइल और तेज़ी से तैनात होने योग्य भी है, जो अमेरिका को इसे मिसाइल खतरों का सामना करने वाले क्षेत्रों में तैनात करने की अनुमति देता है।
- पैट्रियट मिसाइल सिस्टम (PAC-3): एक व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला अमेरिका निर्मित रक्षा सिस्टम है, जो कम‑ऊँचाई के खतरों, जैसे– क्रूज़ मिसाइल और ड्रोन को सफलतापूर्वक रोकता है।
- एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम (APKWS): एक किफायती और प्रभावी रक्षा समाधान है।
- यह मानक अनगाइडेड 'हाइड्रा' रॉकेटों को 25,000 अमेरिकी डॉलर के लेज़र-गाइडेड हथियारों में बदल देता है, जिससे सैन्य बल लाखों डॉलर के महंगे इंटरसेप्टर को बर्बाद किये बिना धीमी गति से चलने वाले ड्रोनों को नष्ट कर सकते हैं।
- कोयोट एंटी‑ड्रोन सिस्टम: APKWS के साथ अमेरिका कोयोट पर भी काफी निर्भर करता है।
- यह एक रडार-निर्देशित, जेट-शक्तिधारित इंटरसेप्टर ड्रोन है जो सक्रिय रूप से शाहेद ड्रोन का पीछा करके उन पर टकराता है।
- SM-3 और SM-6 (US नेवी): समुद्र आधारित इंटरसेप्टर। SM-3 मध्यम उड़ान चरण में बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करता है, जबकि SM-6 अंतिम चरण में मिसाइलों, विमान तथा ड्रोन को लक्षित करता है।
- इनडायरेक्ट फायर प्रोटेक्शन कैपेबिलिटी (IFPC): यह बेसों की रक्षा के लिये AIM-9X का उपयोग करता है—एक प्रमुख, शॉर्ट‑रेंज, इन्फ्रारेड‑ट्रैकिंग, एयर‑टू‑एयर और सतह से लॉन्च होने वाली इंटरसेप्टर मिसाइल—जो ड्रोन और रॉकेटों से सुरक्षा प्रदान करती है और महंगी पैट्रियट मिसाइलों को बचाने में मदद करती है।
- MQ-9 रीपर ड्रोन: लंबी उड़ान क्षमता वाले अनक्रूड हवाई वाहन, जो लगातार निगरानी, लक्ष्य चिह्नित करने और सटीक हेलफायर मिसाइल ले जाने के लिये उपयोग किये जाते हैं।
- बोइंग P-8I: एक बहु-मिशन, लंबी दूरी वाला समुद्री गश्ती विमान, जिसे एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW), एंटी-सर्फेस वारफेयर, खुफिया, निगरानी और टोही (ISR), समुद्री क्षेत्र की जानकारी तथा खोज एवं बचाव अभियानों के लिये डिज़ाइन किया गया है।
इज़रायल शस्त्रागार
- ब्लू स्पैरो मिसाइल: यह एक एयर-लॉन्च्ड क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जो स्पैरो मिसाइल परिवार (जिसमें ब्लैक स्पैरो और सिल्वर स्पैरो भी शामिल हैं) का हिस्सा है।
- मूल रूप से इसे इज़रायल के एरो मिसाइल रक्षा प्रणाली के अभ्यास लक्ष्य के रूप में डिज़ाइन किया गया था, लेकिन बाद में इसे हवा-से-सतह पर हमले वाले मिशनों के लिये अनुकूलित किया गया।
- इस मिसाइल की सीमा लगभग 2,000 किमी. है। इसे आमतौर पर F-15 जैसे लड़ाकू विमानों से लॉन्च किया जाता है और यह एक क्वासी-बैलिस्टिक मार्ग का पालन करती है, जिसमें यह थोड़ी देर के लिये वायुमंडल से बाहर जाती है तथा फिर अपने लक्ष्य पर हमला करने के लिये पुनः प्रवेश करती है, जिससे इसे वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोकना कठिन हो जाता है।
- जेरिको मिसाइल:
- जेरिको-2: 1,500–3,000 किमी. की मारक क्षमता वाली एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM)।
- जेरिको-3: 4,800–6,500 किमी. दूर लक्ष्यों को भेदने में सक्षम एक मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM), जो इज़रायल की स्ट्रेटजिक डेटेरेंस की बुनियाद है।
- एरो-2 और एरो-3: लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली। एरो-3 मिसाइलों को वायुमंडल के बाहर (एक्सो-एटमॉस्फेरिक) रोकता है, जबकि एरो-2 वायुमंडल के भीतर कार्य करता है।
- डेविड स्लिंग: मध्यम से लंबी दूरी के रॉकेट, क्रूज़ मिसाइलों और सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिये डिज़ाइन किया गया, जो एरो और आयरन डोम के बीच के अंतर को समाप्त करता है।
- आयरन डोम: रॉकेट, तोपखाने के गोले और ड्रोन के खिलाफ प्रभावी कम दूरी की रक्षा प्रणाली, जिसमें कम गति वाले खतरों के खिलाफ उच्च सफलता दर है।
- आयरन बीम: गाइडेड-एनर्जी लेज़र सिस्टम जो कम लागत पर ड्रोन और छोटे प्रोजेक्टाइल को नष्ट करती है, जिससे महंगे इंटरसेप्टर पर निर्भरता कम होती है।
- सी-डोम: आयरन डोम का नौसैनिक संस्करण, इज़रायल के सार 6-श्रेणी के कार्वेट पर तैनात किया गया है ताकि हूती और ईरानी ड्रोन समूहों से उसके अपतटीय गैस रिग और समुद्री सीमाओं की रक्षा की जा सके।
- F-35I "अदिर": इज़रायल मध्य पूर्व का एकमात्र देश है जो इस पाँचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान का संचालन करता है, जो बावर-373 जैसी वायु रक्षा प्रणालियों को चकमा देकर ईरानी हवाई क्षेत्र में हमलों को सक्षम बनाता है।
<
|
और पढ़ें: ईरान पर अमेरिका-इज़रायल का हमला |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. ईरान द्वारा उपयोग किये जाने वाले शाहेद-136 ड्रोन क्या हैं?
शाहेद-136 कम लागत वाले लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज़ ड्रोन) हैं, जिनका उपयोग सामूहिक हमलों में दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों को अभिभूत करने के लिये किया जाता है।
2. आयरन डोम प्रणाली की क्या भूमिका है?
आयरन डोम इज़रायल की कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है, जिसे उच्च सफलता दर के साथ रॉकेट, तोपखाने के गोले और ड्रोन को रोकने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
3. ब्लू स्पैरो मिसाइल क्या है?
ब्लू स्पैरो इज़रायल द्वारा विकसित एक वायु से प्रक्षेपित सेमी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे मूल रूप से एरो रक्षा प्रणाली के लिये लक्ष्य के रूप में डिज़ाइन किया गया था, जिसे बाद में आक्रामक हमलों के लिये अनुकूलित किया गया।
4. थाड (THAAD) क्या है और यह कैसे कार्य करता है?
थाड (टर्मिनल हाई अल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) एक अमेरिकी एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम है जो आने वाली मिसाइलों को उनके उच्च-तुंगता वाले टर्मिनल चरण के दौरान रोकती है।
5. इज़रायल के लिये F-35I "अदिर" महत्त्वपूर्ण क्यों है?
F-35I पाँचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जो इज़रायल को उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों को चकमा देते हुए हमले करने में सक्षम बनाता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रिलिम्स
प्रश्न. मानव-रहित वायु वाहनों (UAV) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2025)
I. सभी प्रकार के UAV ऊर्ध्वाधर अवतरण (लैंडिंग) कर सकते हैं
II. सभी प्रकार के UAV स्वत: मंँडरा सकते हैं
III. सभी प्रकार के UAV शक्ति पूर्ति के स्रोत के रूप में केवल बैटरी का प्रयोग कर सकते हैं
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) सभी तीन
(d) कोई भी नहीं
उत्तर: (d)
प्रश्न. कभी-कभी समाचार में उल्लिखित ‘टर्मिनल हाई अल्टीट्यूड एरिया डिफेंस’ (टीएचएएडी) क्या है? (2018)
(a) इज़रायल की एक रडार प्रणाली
(b) भारत का घरेलू मिसाइल-प्रतिरोधी कार्यक्रम
(c) अमेरिकी मिसाइल-प्रतिरोधी प्रणाली
(d) जापान और दक्षिण कोरिया के बीच एक रक्षा सहयोग
उत्तर: (c)
