संकल्प योजना | 23 Feb 2026

स्रोत: द हिंदू

चर्चा में क्यों?

लोक लेखा समिति (PAC) ने संकल्प (आजीविका संवर्द्धन के लिये कौशल अधिग्रहण और ज्ञान जागरूकता) योजना के कार्यान्वयन की धीमी गति और इसमें मौजूद खामियों पर चिंता व्यक्त की है।

  • ये टिप्पणियाँ भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट पर आधारित थी, जिसमें यह बात सामने आई कि संकल्प योजना अपने आवंटित कोष का केवल 44% ही उपयोग कर पाई (जिसमे विश्व बैंक की महत्त्वपूर्ण सहायता का उपयोग नहीं हो पाया), जो कमज़ोर वित्तीय नियोजन और अवशोषण क्षमता को इंगित करता है।

संकल्प योजना क्या है?

  • परिचय: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा जनवरी 2018 में शुरू की गई 'संकल्प' (SANKALP) योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन (NSDM) को क्रियान्वित करना है।
    • यह अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण हेतु संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करने तथा वंचित समुदायों के लिये गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण तक पहुँच का विस्तार करने पर केंद्रित है।
  • वित्तपोषण और बजट: इस योजना को कुल ₹4,455 करोड़ की राशि के साथ मंज़ूरी मिली थी। इसका मुख्य वित्तीय आधार ₹3,300 करोड़ का विश्व बैंक ऋण है, जिसे राज्य के अपने संसाधनों और उद्योग जगत के योगदान से अतिरिक्त सहायता मिलती है।
  • समय-सीमा: यह योजना प्रारंभ में मार्च 2023 तक पूरी की जानी थी, लेकिन बाद में इसकी समय-सीमा बढ़ाकर मार्च 2024 कर दी गई।
  • मुख्य उद्देश्य:
    • संस्थागत सुदृढ़ीकरण: राष्ट्रीय, राज्य तथा ज़िला स्तर पर क्षमता निर्माण।
      • इसमें ज़िला कौशल समितियों (DSC) को सहयोग देना तथा महात्मा गांधी नेशनल फेलोशिप (MGNF) को समर्थन प्रदान करना शामिल है।
    • गुणवत्ता आश्वासन: प्रमाणन का मानकीकरण, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचा (NSQF) का सार्वभौमीकरण तथा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षकों का समूह तैयार करना।
    • समावेशन: व्यावसायिक प्रशिक्षण में महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) तथा दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना।
  • मुख्य उपलब्धियाँ एवं परिणाम: सशक्त ज़िला कौशल समितियाँ (DSCs) विकसित की गईं, जिनके माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) का मांग-आधारित प्रभावी कार्यान्वयन संभव हो सका।
    • पूर्व शिक्षण की मान्यता (RPL) को बढ़ावा दिया गया तथा ग्राम पंचायत स्तर पर प्रमाणीकरण को प्रोत्साहित किया गया।
    • देश भर में कौशल विकास से संबंधित गतिविधियों के डेटा संकलन हेतु “स्किल इंडिया पोर्टल” नामक IT प्रणाली के विकास को वित्तपोषित किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. SANKALP योजना क्या है?
यह कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा वर्ष 2018 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य संस्थागत सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता आश्वासन एवं समावेशी कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन को क्रियान्वित करना है।

2. SANKALP पर CAG की प्रमुख टिप्पणियाँ क्या थीं?
केवल 44% धनराशि का उपयोग हुआ, अप्रभावी योजना के कारण क्रियान्वयन में देरी हुई और केंद्रीय निगरानी के अभाव ने जवाबदेही एवं प्रभावशीलता को कम किया।

3. SANKALP का वित्तपोषण कैसे होता है?
इसका कुल परिव्यय ₹4,455 करोड़ है, जिसमें मुख्यतः ₹3,300 करोड़ का विश्व बैंक ऋण, साथ ही राज्यों की भागीदारी और उद्योगों का योगदान शामिल है।

4. योजना के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
संस्थागत सुदृढ़ीकरण, NSQF तथा प्रमाणित प्रशिक्षकों के माध्यम से गुणवत्ता आश्वासन तथा कौशल प्रशिक्षण में महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और दिव्यांगजनों की बढ़ी हुई भागीदारी।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्षों के प्रश्न (PYQ)

प्रिलिम्स 

प्रश्न. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2018)

  1. यह श्रम और रोज़गार मंत्रालय की प्रमुख योजना है। 
  2. यह अन्य बातों के अलावा सॉफ्ट स्किल्स, उद्यमिता, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता में प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा। 
  3. इसका उद्देश्य देश के अनियमित कार्यबल की दक्षताओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचे के अनुरूप बनाना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 3

(b) केवल 2

(c) केवल 2 और 3

(d) 1, 2 और 3 

उत्तर: (c)