साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 | 18 Mar 2026
साहित्य अकादमी ने 24 भाषाओं में साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 की घोषणा की, जिसमें 8 काव्य संग्रह, 4 उपन्यास, 6 लघु कथा संग्रह, 2 निबंध, 1 साहित्यिक आलोचना, 1 आत्मकथा और 2 संस्मरण को सम्मानित किया।
- उल्लेखनीय विजेताओं में पूर्व राजनयिक नवतेज सरना (अंग्रेज़ी उपन्यास क्रिमसन स्प्रिंग), हिंदी लेखिका ममता कालिया (संस्मरण जीते जी इलाहाबाद) और साहित्यिक आलोचना विधा में तमिल लेखक सा. तमिलसेल्वन (थमिज़ सिरुकाथैयिन थडंगल) शामिल हैं।
- यह पुरस्कार जुलाई 2025 में संस्कृति मंत्रालय और इसके 4 स्वायत्त संस्थानों—राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी और साहित्य अकादमी—के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद दिया गया है, जिसमें मंत्रालय के परामर्श से पुरस्कारों के पुनर्गठन को अनिवार्य किया गया था।
साहित्य अकादमी पुरस्कार
- परिचय: साहित्य अकादमी पुरस्कार, जो वर्ष 1954 में स्थापित किया गया था, भारत में दूसरा सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान (ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद) है, जो असाधारण साहित्यिक मूल्यांकन को मान्यता देता है और देश की समृद्ध बहुभाषी विरासत को बढ़ावा देता है।
- यह प्रतिवर्ष साहित्य अकादमी द्वारा प्रदान किया जाता है, जो संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है।
- भाषायी कवरेज: यह पुरस्कार 24 भाषाओं में प्रदान किया जाता है, जिसमें संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 22 भाषाएँ, साथ ही अंग्रेज़ी और राजस्थानी शामिल हैं।
- पात्रता: रचना पुरस्कार वर्ष से पहले के 5 वर्षों में प्रकाशित एक मौलिक रचना होनी चाहिये। लेखक भारतीय नागरिक होना चाहिये।
- पुरस्कार की प्रकृति: प्रत्येक भाषा के लिये प्रतिवर्ष एक पुरस्कार दिया जाता है, जो पिछले पाँच वर्षों में प्रकाशित मान्यता प्राप्त विधाओं (जैसे– काव्य, उपन्यास, नाटक या निबंध) में सर्वश्रेष्ठ मौलिक पुस्तक के लिये होता है।
- पुरस्कार विजेता को एक ताम्रपट्ट, एक शॉल, एक प्रशस्ति पत्र और 1,00,000 रुपये (जो वर्ष 1955 में अपने मूल्य 5,000 रुपये से लगातार बढ़ाया गया है) की नकद राशि दी जाती है।
- अन्य उल्लेखनीय साहित्य अकादमी सम्मान: युवा पुरस्कार (युवा लेखकों के लिये), बाल साहित्य पुरस्कार (बाल साहित्य के लिये), साहित्य अकादमी फेलोशिप, भाषा सम्मान आदि।
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