RBI-ESMA समझौता ज्ञापन | 02 Feb 2026

स्रोत: पीआईबी

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष के भारत दौरे के दौरान यूरोपीय प्रतिभूतियाँ और बाज़ार प्राधिकरण (ESMA) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये।

  • परिचय: यह समझौता ज्ञापन (MoU) क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL) और अन्य RBI-नियंत्रित केंद्रीय कंट्रापार्टीज़ (CCP) को ESMA द्वारा औपचारिक मान्यता प्रदान करने में सक्षम बनाएगा, जिससे वे यूरोपीय बाज़ार प्रतिभागियों के साथ सहज रूप से कार्य कर सकें।
    • यह यूरोपीय बैंकों और निवेशकों के लिये भारत के वित्तीय बाज़ारों तक पहुँच को सुगम बनाएगा, क्योंकि यह नियामक और संचालन संबंधी बाधाओं को कम करेगा।
  • प्रावधान: दोनों प्राधिकरण परामर्श, सहयोग और सूचना का आदान-प्रदान करेंगे ताकि शामिल केंद्रीय कंट्रापार्टीज़ (CCP) के ESMA की मान्यता शर्तों के पालन की निगरानी की जा सके।
    • ESMA RBI के नियामक और पर्यवेक्षकीय ढाँचे पर निर्भर करेगा, जबकि RBI भारत में CCP की सुदृढ़ता के लिये ज़िम्मेदार रहेगा।
  • संधि का स्वरूप: यह समझौता ज्ञापन (MoU) एक गैर-बाध्यकारी अभिप्राय विवरण है, जो कोई कानूनी दायित्व उत्पन्न नहीं करता, लागू करने योग्य अधिकार प्रदान नहीं करता और घरेलू कानूनों को प्रतिस्थापित नहीं करता।
  • महत्त्व: यह समझौता हस्ताक्षर की तिथि से प्रभावी होता है और अनिश्चित काल के लिये लागू रहेगा, जिससे भारत-यूरोपीय यूनियन वित्तीय बाज़ार सहयोग के लिये एक स्थायी आधार तैयार होता है।

और पढ़ें: भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौता