रास बिहारी बोस | 22 Jan 2026
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री ने रास बिहारी बोस की पुण्यतिथि पर उन्हें उन्हें सादर नमन किया।
रास बिहारी बोस
- परिचय: रास बिहारी बोस, जिनका जन्म 25 मई, 1886 को बर्धमान, बंगाल में हुआ था, एक क्रांतिकारी राष्ट्रवादी थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को वैश्विक आयाम दिया।
- क्रांतिकारी गतिविधियाँ: उन्हें अलीपुर बम कांड (1908) के दौरान ख्याति मिली और उन्होंने 1912 में वायसरॉय चार्ल्स हार्डिंग को निशाना बनाने वाली बम साजिश में हिस्सा लिया।
- वर्ष 1913 में रास बिहारी बोस ने जतिन मुखर्जी (बाघा जतिन) से मुलाकात की, जिनके मार्गदर्शन में बोस भारत की स्वतंत्रता के लिये लड़ने हेतु और अधिक दृढ़ हो गए।
- वे गदर आंदोलन के एक प्रमुख व्यक्ति बन गए, जो ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिये भारतीय प्रवासियों द्वारा स्थापित एक अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक आंदोलन था।
- वर्ष 1924 में जापान में वीर सावरकर के सहयोग से रास बिहारी बोस और सुभाष चंद्र बोस की मुलाकात हुई।
- जापान की ओर पलायन: ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों की नजरों से बचते हुए उन्होंने वर्ष 1915 में भारत छोड़ दिया और अंततः जापान में शरण ली।
- वर्ष 1942 में उन्होंने जापान में भारतीय स्वतंत्रता लीग (IIL) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष के लिये भारतीयों को संगठित और प्रेरित करना था।
- आज़ाद हिंद फौज: वर्ष 1942 में रास बिहारी बोस ने भारत की आज़ादी के लिये लड़ने हेतु आज़ाद हिंद फौज का गठन किया।
- उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने की क्षमता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) का नेतृत्व सुभाष चंद्र बोस को सौंप दिया।
- विरासत: रास बहारी बोस का जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी बलिदान और रणनीतिक धैर्य की भावना का प्रतीक है, जो प्रारंभिक सशस्त्र प्रतिरोध को लगातार संगठनात्मक प्रयासों से जोड़ता है। उनकी मृत्यु टोक्यो में 21 जनवरी, 1945 को हुई।
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