प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना | 20 Mar 2026

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 

चर्चा में क्यों? 

नीति आयोग द्वारा कराए गए एक मूल्यांकन से पता चला है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीज़ों को महत्त्वपूर्ण जेब से व्यय (आउट-ऑफ-पॉकेट एक्सपेंडिचर- OOPE) वहन करना पड़ता है।

  • नीति आयोग के विकास मूल्यांकन और निगरानी कार्यालय (डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस- DEMO) को प्रस्तुत किये गए अध्ययन में बीमा कवरेज के बावजूद लाभार्थियों पर जारी वित्तीय बोझ पर प्रकाश डाला गया है।

PMJAY पर किये गए अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष क्या हैं?

  • निजी सुविधाओं में उच्च जेब से व्यय (OOPE): योजना के तहत निजी अस्पतालों का उपयोग करने वाले लाभार्थियों को प्रति अस्पताल में भर्ती होने पर औसतन लगभग 53,965 रुपये का जेब से व्यय वहन करना पड़ा।
  • सार्वजनिक बनाम निजी असमानता: सरकारी सुविधाओं में औसत जेब से व्यय काफी कम 21,827 रुपये था।
    • इस प्रकार निजी अस्पतालों में जेब से व्यय सार्वजनिक अस्पतालों की तुलना में दोगुने से अधिक है।
  • वित्तीय बोझ की व्यापकता: PMJAY को कैशलेश योजना के रूप में प्रचारित किये जाने के बावज़ूद 65% लाभार्थियों को अभी भी अपनी जेब से भुगतान करना पड़ा, जबकि केवल 35% ने पूरी तरह से कैशलेश अस्पताल में भर्ती का लाभ उठाया।
  • प्राथमिक लागत कारक: मरीज़ों को जेब से व्यय करने के लिये मजबूर करने वाले प्रमुख व्यय में दवाएँ, नैदानिक सेवाएँ और परिवहन शामिल थे।
    • अध्ययन ने स्वीकार किया कि परिवहन लागत योजना के तहत स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है।
  • गैर-बीमित की तुलना में सीमित राहत: PMJAY रोगियों के लिये समग्र औसत जेब से व्यय 34,790 रुपये था।
    • यह गैर-बीमित रोगियों (38,084 रुपये) के औसत व्यय से कम (3,294 रुपये कम) है, जो दर्शाता है कि योजना की वित्तीय ढाल वर्तमान में संकटपूर्ण वित्तपोषण (डिस्ट्रेस फाइनेंसिंग) को पूरी तरह से रोकने में अपर्याप्त है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के संदर्भ में मुख्य तथ्य क्या हैं?

  • परिचय: सितंबर 2018 में आयुष्मान भारत पहल के एक प्रमुख घटक के रूप में शुरू की गई PMJAY विश्व की सबसे बड़ी सरकार-वित्तपोषित स्वास्थ्य आश्वासन योजना है।
    • PMJAY का लक्ष्य सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) प्राप्त करना और विनाशकारी स्वास्थ्य देखभाल व्यय को कम करना है जो प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों को गरीबी में धकेल देता है।
    • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्तर पर AB-PMJAY को लागू करता है, जबकि राज्य स्वास्थ्य एजेंसियाँ (SHA) राज्य स्तर पर इसके कार्यान्वयन के लिये ज़िम्मेदार हैं।
  • कवरेज और वित्तीय संरचना
    • बीमा कवर: प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करता है।
    • देखभाल का दायरा: सख्ती से माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती को कवर करता है (प्राथमिक बाह्य रोगी देखभाल में शामिल नहीं)।
    • पूर्व और पश्चात अस्पताल में भर्ती: अस्पताल में भर्ती होने से पूर्व के 3 दिन (निदान, परामर्श) और बाद के 15 दिनों के खर्च (दवाएँ और उससे संबंधित) को कवर करता है।
    • पूर्व-मौज़ूदा बीमारियाँ: पॉलिसी के पहले दिन से सभी पूर्व-मौजूदा स्थितियाँ कवर की जाती हैं।
  • वित्त पोषण पैटर्न: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है। वित्तपोषण केंद्र और राज्यों के बीच निम्न अनुपात में साझा किया जाता है:
    • सामान्य राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों के लिये 60:40।
    • पूर्वोत्तर राज्यों और हिमालयी राज्यों के लिये 90:10।
    • विधानमंडल के बगैर केंद्रशासित प्रदेशों के लिये 100% केंद्रीय वित्तपोषण।
  • पात्रता और लाभार्थी पहचान: प्रारंभ में यह भारत की आबादी के निचले 40% (लगभग 12 करोड़ कमज़ोर परिवार या 55 करोड़ व्यक्तियों) को लक्षित करता था।
    • लाभार्थियों की पहचान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिये क्रमशः सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना (SECC) 2011 के अभाव और व्यावसायिक मानदंडों के आधार पर की जाती है।
    • परिवार के आकार, उम्र और लिंग पर कोई सीमा नहीं रखी गई है, ताकि महिलाएँ, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक भी लाभ से वंचित न रहें।
    • सितंबर 2024 में PM-JAY का विस्तार करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को, आय या SECC स्थिति की परवाह किये बिना, आयुष्मान वय वंदना कार्ड के माध्यम से शामिल किया गया। इससे लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिको को लाभ मिला।
    • इसे आशा कार्यकर्त्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ताओं (AWWs) और आंगनवाड़ी सहायिकाओं (AWHs) को शामिल करने के लिये विस्तारित किया गया।
  • मुख्य परिचालन विशेषताएँ:
    • कैशलेस और पेपरलेस: लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के समय पूरी तरह कैशलेस तथा पेपरलेस सेवाओं का लाभ मिलता है।
      • आयुष्मान ऐप जैसी डिजिटल पहलों ने स्व-प्रमाणीकरण और कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है।
    • राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी: एक राज्य (जैसे– बिहार) का लाभार्थी देश भर में किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में (जैसे– महाराष्ट्र या दिल्ली में) उपचार प्राप्त कर सकता है।
    • सरकारी और निजी सूचीबद्धता: लाभार्थी सरकारी (पब्लिक) अस्पतालों तथा सूचीबद्ध निजी स्वास्थ्य संस्थानों दोनों में उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
    • हेल्थ बेनिफिट पैकेज (HBP): उपचार पूर्व-निर्धारित पैकेजों के अनुसार होता है, जिसमें इलाज से जुड़े सभी खर्च—दवाइयाँ, जाँच, सामग्री, डॉक्टर शुल्क, कमरा और भोजन—शामिल रहते हैं।
  • उपलब्धियाँ: दिसंबर 2025 तक 42 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किये जा चुके थे, जिसकी मदद से लगभग 11 करोड़ मरीजों का अस्पतालों में उपचार सफल हुआ।
    • यह योजना महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सहायक रही है, जहाँ वे लगभग कुल कार्ड और अस्पताल में भर्ती का आधा हिस्सा रखती हैं।

और पढ़ें: आयुष्मान भारत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. आयुष्मान भारत के तहत PMJAY क्या है?
PMJAY एक सरकार द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जो प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कवर द्वितीयक और तृतीयक स्तर के अस्पताल में भर्ती उपचार के लिये प्रदान करती है।

2. PMJAY पर नीति आयोग की समीक्षा से क्या निष्कर्ष सामने आए?
इसमें पाया गया कि निजी अस्पतालों में आउट-ऑफ-पॉकेट व्यय बहुत अधिक (₹53,965) है और, ‘कैशलेस’ सुविधा के होते हुए भी 65% लाभार्थी अपनी जेब से खर्च करते हैं

3. PMJAY के तहत OOPE के मुख्य चालक क्या हैं?
प्रमुख खर्चों में दवाइयाँ, जाँच और परिवहन लागत शामिल हैं, जबकि यातायात व्यय योजना में शामिल नहीं है।

4. भारत में PMJAY को कौन लागू करता है?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करता है, जबकि राज्य स्वास्थ्य एजेंसियाँ (SHAs) राज्य स्तर पर इसके क्रियान्वयन का कार्य सँभालती हैं।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ) 

प्रिलिम्स 

प्रश्न. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संदर्भ में प्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता ‘आशा’ के कार्य निम्नलिखित में से कौन-से हैं? (2012)

  1. स्त्रियों को प्रसवपूर्व देखभाल जाँच के लिये स्वास्थ्य सुविधा केंद्र साथ ले जाना।  
  2. गर्भावस्था के प्रारंभिक संसूचन के लिये गर्भावस्था परीक्षण किट का उपयोग करना।  
  3. पोषण एवं टीकाकरण पर जानकारी प्रदान करना।  
  4. बच्चे का प्रसव कराना

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

केवल 1, 2 और 3

केवल 2 और 4

केवल 1 और 3

 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (a)


मेन्स 

प्रश्न: सार्विक स्वास्थ्य सरंक्षण प्रदान करने में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की अपनी परिसीमाएँ हैं। क्या आपके विचार में खाई को पाटने में निजी क्षेत्र सहायक हो सकता है? आप अन्य कौन-से व्यवहार्य विकल्प सुझाएंगे? (2015)