पीएम सेतु योजना | 12 Mar 2026
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'PM SETU’ (प्रधान मंत्री स्किलिंग एंड एंप्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs) योजना के मार्गदर्शन के लिये एक शीर्ष निकाय के रूप में राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) का गठन किया है। इस योजना का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) को उन्नत बनाकर कौशल विकास को मज़बूत करना और रोज़गार के परिणामों में सुधार करना है।
- परिचय: पीएम सेतु (PM SETU) एक व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण उन्नयन योजना है जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025 में 60,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ आधुनिक उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये मंज़ूरी दी थी।
- यह योजना सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण से उद्योग-नेतृत्व वाले कौशल विकास की ओर एक बदलाव का प्रतीक है, जहाँ कंपनियाँ पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण विधियों और बुनियादी ढाँचे को डिज़ाइन करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- हब-एंड-स्पोक ITI अपग्रेडेशन: हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से ITI का उन्नयन किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत, 200 ITI को उन्नत बुनियादी ढाँचे के साथ 'हब' के रूप में विकसित किया जाएगा। ये केंद्रीय संस्थान आधुनिक उपकरण, डिजिटल शिक्षण संसाधन और विशेष प्रशिक्षण सुविधाओं को साझा करके, प्रत्येक हब से जुड़े लगभग चार आस-पास के 'स्पोक' ITI को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेंगे।
- इस योजना के अंतर्गत, भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर और लुधियाना में स्थित पाँच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) को सुदृढ़ कर उन्हें वैश्विक उत्कृष्टता केंद्रों में बदला जाएगा।
- विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) शासन: प्रत्येक उन्नत ITI का प्रबंधन SPV के माध्यम से उद्योग-सरकारी साझेदारी द्वारा किया जाएगा, जिसमें उद्योग भागीदारों की 51% और सरकार की 49% हिस्सेदारी होगी।
- उद्योग जगत के साझेदार बुनियादी ढाँचे और प्रशिक्षण में सुधार के लिये सरकार से 83% तक धनराशि प्राप्त कर सकते हैं।
- उद्योगों की भागीदारी: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन में सहयोग करने के लिये 'अभिरुचि की अभिव्यक्ति' (EOI) के माध्यम से एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स (AIPs) को आमंत्रित किया है।
- आधुनिक प्रशिक्षण पारिस्थितिक तंत्र: 'विशेष प्रयोजन वाहन' (SPVs) पाठ्यक्रम के पुनर्निर्माण, बेहतर प्रशिक्षण वितरण मॉडल, बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षुओं के लिये औद्योगिक अनुभव का प्रस्ताव दे सकते हैं।
- प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने उभरते क्षेत्रों की मांगों को पूरा करने के लिये 'शिल्पकार प्रशिक्षण योजना' (CTS) के तहत 31 नए ज़माने के पाठ्यक्रम शुरू किये हैं।
- प्रशिक्षण में उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबिलिटी (गतिशीलता) और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को लक्षित किया जाएगा।
- प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने उभरते क्षेत्रों की मांगों को पूरा करने के लिये 'शिल्पकार प्रशिक्षण योजना' (CTS) के तहत 31 नए ज़माने के पाठ्यक्रम शुरू किये हैं।
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