P-8I पनडुब्बी रोधी युद्धकविमान | 11 Feb 2026

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड (DPB) ने भारतीय नौसेना की हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी एवं युद्धक क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु अमेरिका से छह अतिरिक्त बोइंग P-8I पोसाइडन विमान अधिग्रहण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।

  • ऑफसेट प्रावधान का अभाव: यह सौदा भारत–अमेरिका अंतर-सरकारी समझौता (IGA) ढाँचे के अंतर्गत किया जा रहा है।
    • यह खरीद रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP), 2020 के तहत संसाधित की जा रही है, जिसमें अंतर-सरकारी समझौतों के लिये ऑफसेट संबंधी आवश्यकताओं को समाप्त कर दिया गया था। परिणामस्वरूप, इस समझौते में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण अथवा सह-उत्पादन के प्रावधान शामिल नहीं होंगे।
    • मेक इन इंडिया’ के अनुरूप कई अन्य अधिग्रहणों के विपरीत, यह खरीद घरेलू औद्योगिक भागीदारी की अपेक्षा रणनीतिक और तात्कालिक परिचालन को प्राथमिकता देती है।
  • बोइंग P-8I: यह एक बहु-मिशन, लंबी-दूरी तक समुद्र में गश्त करने वाला विमान है, जिसे पनडुब्बी-रोधी युद्धक विमान (ASW), एंटी-सरफेस वॉरफेयर, खुफिया, निगरानी एवं टोही (ISR), समुद्री क्षेत्र में जागरूकता तथा खोज एवं बचाव अभियानों के लिये अभिकल्पित किया गया है।
    • भारतीय नौसेना में 12 P-8I विमान शामिल हैं, जिसमें INS राजाली (INAS 312) और INS हंसा (INAS 316) वर्तमान में सेवारत हैं।
  • अन्य अमेरिकी रक्षा समझौते: अमेरिका के साथ रक्षा सहभागिता में M982A1 एक्सकैलिबर प्रक्षेपास्त्र, जैवलिन मिसाइलें तथा MH-60R हेलीकॉप्टरों के लिये अनुरक्षण समर्थन की खरीद भी सम्मिलित है।

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