केरल में ड्रैगनफ्लाई की नई प्रजाति की खोज | 11 Feb 2026
शोधकर्त्ताओं ने केरल में ड्रैगनफ्लाई की एक नई प्रजाति, लिरियोथेमिस केरलेंसिस (Lyriothemis keralensis) की पहचान की है, जिससे इसकी ज्ञात भौगोलिक सीमा पूर्वोत्तर भारत से आगे बढ़ गई है, जो राज्य की समृद्ध जैव विविधता को रेखांकित करती है।
- परिचय: इसकी उपस्थिति वर्ष 2013 से केरल में देखी गई थी, लेकिन इसे एक दशक से अधिक समय तक लिरियोथेमिस एशिगास्ट्रा के रूप में गलत पहचान की गई, जब तक कि सूक्ष्मदर्शी परीक्षण और संग्रहालय में रखे नमूनों की तुलना ने इसकी अलग पहचान की पुष्टि नहीं कर दी।
- विशेषताएँ: यह प्रजाति स्पष्ट यौन द्विरूपता को प्रदर्शित करती है, जिसमें मेल ड्रैगनफ्लाई चमकीले गहरे लाल रंग के होते हैं जिन पर काले निशान होते हैं, जबकि मादा ड्रैगनफ्लाई पीले रंग की होती हैं जिन पर काले निशान पाए जाते हैं।
- मौसमी उपलब्धता: ड्रैगनफ्लाई को मौसमी रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून (मई के अंत से अगस्त तक) के दौरान देखा जाता है हालाँकि शेष वर्ष के दौरान ये जलीय लार्वा के रूप में रहती हैं।
- चिंताएँ: यह प्रजाति अनन्नास और रबर के बागानों तथा छायादार नहरों जैसे मानव-निर्मित सिंचाई परिदृश्यों में जन्म लेती है। चूँकि इसकी अधिकांश आबादी संरक्षित क्षेत्रों से बाहर रहती है, अतः यह बागान-प्रधान क्षेत्रों में जैव विविधता के प्रति संवेदनशील भूमि-अनुकूल प्रथाओं की आवश्यकता पर बल देती है।
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