संशोधित उड़ान योजना | 27 Mar 2026

स्रोत: द हिंदू

चर्चा में क्यों? 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय विमानन को सुदृढ़ करने और पिछले चरणों की व्यवहार्यता संबंधी समस्याओं के समाधान करने के उद्देश्य से, ₹28,840 करोड़ के परिव्यय के साथ वर्ष 2026-2036 के लिये क्षेत्रीय कनेक्टिविटी हेतु संशोधित उड़ान (UDAN) योजना को मंज़ूरी दे दी है।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी हेतु संशोधित उड़ान योजना क्या है?

  • परिचय: केंद्रीय बजट 2025-26 में पेश की गई संशोधित उड़ान योजना, उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) पहल का एक नया रूप है, जिसका उद्देश्य वहनीय हवाई यात्रा सुनिश्चित करना, टियर-2 और टियर-3 शहरों से कनेक्टिविटी में सुधार करना और बुनियादी ढाँचे के विकास और दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता दोनों को बढ़ावा देना है।
  • संशोधित उड़ान योजना की आवश्यकता: मूल उड़ान योजना, जिसे अक्तूबर 2016 में शुरू किया गया था, के परिचालन क्षेत्र में 663 मार्गों को सफलतापूर्वक शामिल किया जा चुका है और इसके माध्यम से 162.47 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान की गई है। हालाँकि, इसे स्थिरता संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण संशोधित उड़ान योजना की आवश्यकता महसूस हुई।
    • उच्च समापन दर: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक सब्सिडी अवधि समाप्त होने के बाद केवल 7% से 10% मार्ग ही आर्थिक रूप से व्यवहार्य बने रहे।
      • मूल रूप से, एयरलाइंस के लिये टियर-2 और टियर-3 मार्गों पर एक आत्मनिर्भर बाज़ार विकसित करने हेतु, सब्सिडी पर निर्धारित तीन वर्ष की सीमा पर्याप्त नहीं थी।
  • परित्यक्त मार्ग और हवाई अड्डे: वर्ष 2017 से 663 मार्गों पर परिचालन कार्य शुरू किया गया जिसमें से, फरवरी 2026 तक 327 मार्ग परिचालन से बाहर हो गए थे। 
    • इसके अलावा इस योजना के तहत पुनर्निमित 95 हवाई अड्डों में से 15 पर परिचालन बंद कर दिया था।
  • संशोधित उड़ान योजना के मुख्य घटक:
    • व्यवहार्यता अंतर निधि (विजिबिलिटी फंड): हवाई किराए को वहनीय बनाए रखने के लिये (आधी सीटों के लिये प्रति घंटे उड़ान के 2,500 रुपये तक सीमित) सरकार एयरलाइन ऑपरेटरों को सब्सिडी देती है। 
      • संशोधित योजना के तहत, एयरलाइंस को लाभदायक मार्ग स्थापित करने हेतु अधिक समय प्रदान करने के लिये सब्सिडी की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पाँच वर्ष कर दी गई है।
    • प्रत्यक्ष सरकारी वित्तपोषण: सब्सिडी के लिये अब प्रमुख मार्गों के यात्री टिकटों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के बजाय, यह वित्तीय सहायता प्रत्यक्ष सरकारी कोष से प्रदान की जाएगी।
    • परिचालन और रखरखाव (O&M) में सहायता: सरकार अब केवल हवाई अड्डों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, कम यातायात वाले हवाई अड्डों को बंद होने से बचाने हेतु उनके दैनिक परिचालन लागतों के लिये सक्रिय रूप से सब्सिडी प्रदान करेगी।
    • व्यापक अवसंरचना विस्तार: इस योजना का लक्ष्य वर्तमान में अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों का विकास करना और दूरस्थ, पर्वतीय और द्वीपीय क्षेत्रों के लिये विशेष रूप से डिज़ाइन किये गए 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण करना है।
    • स्वदेशी विमानन पर ध्यान केंद्रित करना: आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप, इस कार्यक्रम में दुर्गम इलाकों में उड़ान भरने के लिये स्थानीय स्तर पर निर्मित विमानों, जैसे कि HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और HAL डोर्नियर विमान, की खरीद के प्रावधान शामिल हैं।

UDAN योजना की पृष्ठभूमि क्या है?

  • परिचय: उड़ान नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य उड्डयन का लोकतंत्रीकरण करना और क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करना है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी हवाई यात्रा तक पहुँच सुनिश्चित हो सके।
    • वर्ष 2016 की राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति (NCAP) के तहत शुरू की गई यह योजना बाज़ार-संचालित अपितु वित्तीय रूप से समर्थित मॉडल के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों को जोड़ने पर केंद्रित है, जिसमें भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) एक नोडल कार्यान्वयन एजेंसी है।
  • मूल तंत्र और वित्तपोषण: यह योजना वहनीय हवाई यात्रा को हवाई किराया सीमा के माध्यम से अनुरक्षित रखती है, जिसे केंद्र द्वारा व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाता है।
    • यह योजना सहयोगी शासन को चरितार्थ करती है, जिसमें लैंडिंग शुल्क माफ करना और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर VAT को 1% या उससे कम करने के लिये राज्यों की प्रतिबद्धता शामिल हैं।
  • व्यापक अवसंरचना विस्तार: भारत के समग्र हवाई अड्डा नेटवर्क का विस्तार दोगुने से अधिक हो गया है, जो वर्ष 2014 में 74 हवाई अड्डों से बढ़कर वर्ष 2024 में 159 हवाई अड्डों तक पहुँच गया है।
  • सामरिक विकास (उड़ान 1.0 से 5.0): इस पहल ने व्यवस्थित रूप से अपने दायरे का विस्तार कम सेवा वाले हवाई अड्डों को जोड़ने से लेकर उड़ान 2.0 में हेलीपैड शामिल करने, उड़ान 3.0 में पर्यटन मार्गों तक विस्तार करने, उड़ान 4.0 में पर्वतीय क्षेत्रों, पूर्वोत्तर तथा द्वीपीय क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और उड़ान 5.0 के तहत सीप्लेन संचालन को बढ़ावा देने तक किया है।

 

  • कृषि उड़ान का एकीकरण: कृषि उड़ान, एक महत्त्वपूर्ण बहु-मंत्रालयी योजना है जो कृषि उपज के लिये समय पर और लागत प्रभावी हवाई रसद प्रदान करने के लिये हवाई नेटवर्क को शामिल करती है, जिसमें 58 हवाई अड्डों को समाहित करते हुए जनजातीय, पर्वतीय और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के किसानों के लिये उनके उत्पादों हेतु उचित मूल्यों की प्राप्ति पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

UDAN

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. उड़ान योजना का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को वहनीय बनाना और विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करना है।

2. संशोधित उड़ान योजना में मुख्य बदलाव क्या है?
यह सब्सिडी की अवधि को 3 से 5 वर्ष तक बढ़ाती है और वित्तपोषण को सरकारी राजस्व से समर्थित करती है।

3. उड़ान में व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) क्या है?
यह हवाई किराए को वहनीय बनाए रखने और गैर-व्यवहार्य मार्गों का समर्थन करने के लिये एयरलाइनों को दी जाने वाली सरकारी सब्सिडी है।

4. उड़ान योजना किस नीति के तहत शुरू की गई थी?
यह राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति (NCAP), 2016 के तहत शुरू की गई थी।

5. कृषि उड़ान की क्या भूमिका है?
यह कृषि उत्पादों को हवाई परिवहन की सुविधा प्रदान करता है, जिससे बाज़ार तक पहुँच और किसानों की आय में सुधार होता है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ) 

प्रश्न. सार्वजनिक-निज़ी भागीदारी (PPP) मॉडल के अधीन संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से भारत में विमानपत्तनों के विकास का परीक्षण कीजिये। इस संबंध में प्राधिकरणों के समक्ष कौन-सी चुनौतियाँ हैं? (2017)