मेनिंगोकोकल बैक्टीरियल इन्फेक्शन | 03 Mar 2026
मेघालय सरकार ने शिलांग स्थित असम रेजिमेंटल सेंटर (ARC) में संदिग्ध मेनिंगोकोकल जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल इन्फेक्शन) के कारण दो अग्निवीर प्रशिक्षुओं की मृत्यु के बाद उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है।
- रोग-कारण: यह रोग निसेरिया मेनिंगिटिडिस नामक जीवाणु के कारण होने वाला एक गंभीर एवं तीव्र गति से फैलने वाला संक्रमण है।
- नैदानिक अभिव्यक्तियाँ: मेनिंगोकोकल संक्रमण मुख्यतः मेनिनजाइटिस (मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु की झिल्ली की सूजन) या मेनिंगोकोसीमिया (जीवन-घातक रक्त संक्रमण/सेप्सिस) का कारण बनता है।
- संक्रमण का प्रसार: यह संक्रमित व्यक्तियों के नाक/गले के स्राव के सीधे संपर्क से फैलता है।
- जोखिम कारक: यह संक्रमण 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों, किशोरों, युवा वयस्कों (16-23 वर्ष) तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों, जैसे– कॉलेज छात्रावास या सैन्य बैरकों में रहने वाले लोगों में अधिक सामान्य है।
- उपचार: मृत्यु दर को कम करने के लिये एंटीबायोटिक दवाओं से त्वरित उपचार अत्यंत आवश्यक है; उपचार के बावजूद मृत्यु दर लगभग 10%-15% तक हो सकती है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा रिकमेंडेड मेनिनजाइटिस वैक्सीन (Men5CV), मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस के पाँच मुख्य कारणों से बचाने वाली पहली संयुग्मित/कॉन्जुगेट वैक्सीन है।
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