मेड इन इंडिया C-295 एयरक्राफ्ट | 31 Jan 2026

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

पहला ‘मेड इन इंडिया’ C-295 एयरक्राफ्ट सितंबर 2026 से पहले वडोदरा (गुजरात) स्थित एयरबस-टाटा फाइनल असेंबली लाइन (FAL) से रोल आउट होने वाला है, जो रक्षा स्वदेशीकरण और भारत-स्पेन रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

  • यह वर्ष 2021 में एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ किये गए 21,935 करोड़ रुपए के समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत 56 C-295 विमान शामिल हैं। इनमें से 16 विमानों की आपूर्ति स्पेन द्वारा  ‘फ्लाई-अवे’ अवस्था में की जाएगी, जबकि 40 विमानों का निर्माण भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा किया जाएगा।
    • C-295 एक ट्विन-इंजन (दो इंजनों वाला) टर्बोप्रॉप सामरिक परिवहन विमान है, जिसे मध्यम दूरी के ऑपरेशनों के लिये डिज़ाइन किया गया है, जो भारतीय वायु सेना (IAF) की क्षमताओं में वृद्धि करेगा।
    • C-295 विमान भारतीय वायु सेना के पुराने हो चुके ब्रिटिश मूल के 'एवरो-748' परिवहन विमानों का स्थान लेंगे।

भारत-स्पेन संबंध

  • रणनीतिक साझेदारी का उन्नयन: वर्ष 2026 में भारत और स्पेन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की दिशा में कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही स्पेन भारत समर्थित हिंद-प्रशांत महासागर पहल (IPOI) में भी शामिल हुआ।
  • आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग: स्पेन यूरोपीय यूनियन (EU) में भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 9.32 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा, जबकि स्पेन भारत में 4.29 अरब अमेरिकी डॉलर के संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के साथ 16वाँ सबसे बड़ा निवेशक है।
    • भारत से स्पेन को होने वाले प्रमुख निर्यात में खनिज ईंधन, रासायनिक उत्पाद, लोहा एवं इस्पात, वस्त्र, मशीनरी, समुद्री खाद्य उत्पाद और चमड़ा शामिल हैं। वहीं, स्पेन से भारत के प्रमुख आयात में यांत्रिक उपकरण, रसायन और प्लास्टिक शामिल हैं।
  • सांस्कृतिक एवं कूटनीतिक उपलब्धियाँ: दोनों देश 70 वर्षों के राजनयिक संबंधों के उपलक्ष्य में वर्ष 2026 को संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के ‘द्वैध वर्ष’ (Dual Year) के रूप में मना रहे हैं।

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