लोकायन 26 | 22 Jan 2026

स्रोत: पीआईबी

INS सुदर्शिनी 20 जनवरी, 2026 को लोकायन 26 की अपनी मुख्य यात्रा पर निकलेगा, जो 10 महीने का एक ट्रांसओशनिक अभियान है, जो भारत की समुद्री विरासत और वसुधैव कुटुम्बकम् की सोच को दर्शाता है।

  • परिचय: लोकायन 26 एक 10 महीने की ट्रांसओशनिक अभियान है, जो 22,000 समुद्री मील से अधिक यात्रा करेगा, जिसमें 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों का दौरा शामिल है
    • इस यात्रा में मेज़बान देशों के साथ समुद्री साझेदारी गतिविधियाँ शामिल हैं, जो सहयोग को मज़बूत करती हैं तथा MAHASAGAR (क्षेत्र में सभी के लिये सक्रिय सुरक्षा और विकास हेतु समुद्री प्रमुख) की दृष्टि को आगे बढ़ाती हैं।
  • सक्रियताएँ: INS सुदर्शन फ्राँस में प्रसिद्ध एस्केल ए सेट और अमेरिका के न्यूयॉर्क में एसएआईएल 250 जैसे प्रमुख टॉल-शिप कार्यक्रमों में भाग लेगा, जिससे भारत की समुद्री विरासत और नौसैनिक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
  • प्रशिक्षण और क्षमता विकास: 200 से अधिक भारतीय नौसेना तथा तट रक्षक प्रशिक्षु गहन पाल प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसमें उन्हें लंबी दूरी की नौवहन, पारंपरिक समुद्री कौशल एवं अन्य नौसेनाओं के प्रशिक्षुओं के साथ संवाद का अनुभव मिलेगा।
    • आईएनएस सुदर्शिनी, भारतीय नौसेना का दूसरा सेल प्रशिक्षण जहाज अब तक 1,40,000 नॉटिकल मील से अधिक की दूरी तय कर चुका है। लोकायन 26 के जरिए यह वैश्विक मंच पर भारत की सामुद्रिक शक्ति, व्यावसायिकता और सद्भावना की मिसाल बनी हुई है।
  • INS सुदर्शिनी के संबंध में: INS सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का दूसरा सेल प्रशिक्षण पोत है (पहला INS तरंगिनी), जिसने अब तक 1,40,000 समुद्री मील से अधिक की यात्रा की है तथा भारत की सामुद्रिक शक्ति, व्यावसायिकता और सद्भावना की मिसाल बनी हुई है।

INS_Sudarshini

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