काज़ीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और बागुरुम्बा दोहो | 19 Jan 2026
हाल ही में असम के दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में बागुरुम्बा दोहो- 2026 सांस्कृतिक कार्यक्रम में काज़ीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का शिलान्यास किया तथा दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई।
- बागुरुम्बा दोहो: यह गुवाहाटी में प्रमुख सांस्कृतिक त्योहार है, जिसे बोडो समुदाय विरासत के रूप में मनाता है।
- बागुरुम्बा नृत्य एक पारंपरिक बोडो लोक नृत्य का रूप है जो प्रकृति से प्रेरित है, मनुष्यों और पर्यावरण के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।
- मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा पुरुष संगीतकारों के साथ किया जाने वाले इस नृत्य में गोलाकार और रेखीय संरचनाओं के माध्यम से तितलियों, पक्षियों और फूलों की नकल की जाती है, यह शांति, उर्वरता एवं सामूहिक आनंद का प्रतिनिधित्व करता है, जो ब्विसागु (बोडो नव वर्ष) जैसे त्योहारों के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है।
- काज़ीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: इसका उद्देश्य काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य में वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना है, जहाँ विश्व की सबसे अधिक संख्या में पाए जाने वाले एक सींग वाले गैंडे और लगभग 500 पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं, साथ ही वाहनों से जानवरों के टकराव को कम करना, सड़क सुरक्षा में सुधार करना, भीड़भाड़ कम करना तथा ऊपरी असम की कनेक्टिविटी को मज़बूत करना है।
- यह ब्रह्मपुत्र बाढ़ के मैदानों के साथ NH-715 के 86.675 किमी. वाले कलियाबोर-नुमालीगढ़ खंड के चार-लेन का हिस्सा है, जिसमें जखलाबंधा और बोकाखात में बाईपास के साथ लगभग 34.5 किमी. लंबा उन्नत वन्यजीव-अनुकूल गलियारा शामिल है।
- रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा: क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिये, प्रधानमंत्री ने दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों, कामाख्या-रोहतक और डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) को भी हरी झंडी दिखाई, जो पूर्वोत्तर और उत्तरी भारत के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी को काफी बेहतर बनाएँगी, यात्रा के समय को कम करेंगी तथा आधुनिक यात्री सुविधाएँ प्रदान करेंगी।
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