IVFRT योजना | 26 Mar 2026

स्रोत: टीएच

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आप्रवासन वीज़ा विदेशी पंजीकरण ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक पाँच साल की अवधि के लिये 1,800 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ विस्तारित करने की मंज़ूरी दे दी है, इसे नए आप्रवास और विदेशियों विषयक अधिनियम, 2025 के अनुरूप बनाया गया है।

  • परिचय: IVFRT योजना, जिसे शुरू में वर्ष 2010 में अनुमोदित किया गया था, गृह मंत्रालय की एक प्रमुख ई-गवर्नेंस पहल है जिसका उद्देश्य भारत में आप्रवास, वीज़ा जारी करने एवं विदेशी पंजीकरण प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण और एकीकरण करना है।
    • यह बेहतर ट्रैकिंग और डेटा एकीकरण के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करते हुए वैध यात्रा को सुगम बनाता है। 
    • यह प्रणाली विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों, इमिग्रेशन चेक पोस्ट (ICPs), विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRROs) और सुरक्षा एजेंसियों जैसे प्रमुख हितधारकों को एक एकीकृत ढाँचे में जोड़ती है।
  • तकनीकी आधुनिकीकरण: योजना बायोमेट्रिक्स, सेल्फ-सर्विस कियोस्क और मोबाइल-आधारित सेवाओं जैसी उभरती तकनीकों के उपयोग के माध्यम से संपर्करहित और फेसलेस (चेहरेरहित) वीज़ा प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।
  • सुरक्षा एवं निगरानी: अवैध प्रवासन को नियंत्रित करने और वीज़ा मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिये देश के भीतर विदेशियों पर नज़र रखना एक महत्त्वपूर्ण उपाय है।
  • परिचालनात्मक सुधार: इस प्रणाली ने अपनी वीज़ा प्रक्रिया को 100% संपर्करहित और आमने-सामने की मुलाकात के बिना करके उल्लेखनीय दक्षता हासिल की है। इससे ई-वीज़ा मंज़ूरी का समय काफी कम हुआ है, जिसमें 91.24% मंज़ूरियाँ 72 घंटों के भीतर मिल जाती हैं। इसके अतिरिक्त, डाकघरों में औसत मैनुअल मंज़ूरी का समय घटकर केवल 2.5-3 मिनट रह गया है।
    • फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) 13 प्रमुख हवाई अड्डों पर स्वचालित ई-गेट का उपयोग करता है, जिससे भारतीय नागरिकों और प्रवासी नागरिकता कार्डधारकों के लिये क्लियरेंस का समय घटकर 30 सेकंड हो जाता है।
  • आर्थिक प्रभाव: प्रवेश प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने वाली यह योजना पर्यटन, चिकित्सा यात्रा और व्यावसायिक क्षेत्रों को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रोत्साहित करती है। इससे भारत में व्यापार करने की सुगमता बढ़ती है, जिससे देश पर सकारात्मक आर्थिक प्रभाव पड़ता है।

और पढ़ें.. आप्रवास और विदेशियों विषयक अधिनियम, 2025